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Friday, 30 October 2026
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ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि केस में भाजपा प्रवक्ता सुरेश नखुआ पर 5 हजार का जुर्माना

साकेत कोर्ट

नई दिल्ली, 04 दिसंबर (Udaipur Kiran) । दिल्ली के साकेत कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि याचिका दायर करने वाले भाजपा प्रवक्ता सुरेश करमशी नखुआ पर कोर्ट की सुनवाई स्थगित करने की लगातार मांग करने पर 5 हजार का जुर्माना लगाया है। जिला जज प्रीतम सिंह ने जुर्माना लगाने का आदेश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च, 2026 को होगी।

सुनवाई के दौरान गुरुवार काे नखुआ की ओर से एक नये वकील जगदीश त्रिवेदी पेश हुए और उन्होंने सुनवाई टालने की मांग की ताकि उनका वकालतनामा रिकॉर्ड पर आ सके। इसका ध्रुव राठी के वकील सात्विक वर्मा ने विरोध करते हुए कहा कि नखुआ की ओर से पिछले कई सुनवाईयों पर कोई पेश नहीं हो रहा है। पिछले वकील ने अपना वकालतनामा वापस ले लिया। याचिकाकर्ता ने जो हलफनामा लगाया वो गलत था। उनका दूसरा हलफनामा भी गलत निकला। यहां तक कि जिस वीडियो को आधार बनाकर याचिका दाखिल किया गया उसके संबंध में भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 63 के तहत भी कोई अर्जी दाखिल नहीं की गई।

एक अगस्त को कोर्ट ने उस नोटरी को समन जारी किया था जिसने नखुआ के दस्तावेजों को प्रमाणित किया था। दरअसल, सुनवाई के दौरान ध्रुव राठी की ओर से कहा गया था कि नखुआ के दस्तावेज फर्जी हैं। उन्होंने कहा था कि नखुआ के हलफनामे को 26 जनवरी के दिन प्रमाणित किया गया है जो कि गणतंत्र दिवस होने की वजह से छुट्टी का दिन होता है। वकील सात्विक वर्मा ने कोर्ट से कहा था कि दस्तावेज पर नोटरी की मुहर तो है लेकिन अभिप्रमाणित करने की कोई तिथि अंकित नहीं है। उन्होंने दस्तावेजों की सच्चाई जानने के लिए नोटरी को समन करने की मांग की थी।

इस मामले में ध्रुव राठी ने जवाब दाखिल कर कहा है कि नखुआ ने कई तथ्यों को छिपाया है और वो हमेशा ही अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता रहा है। ध्रुव राठी के वकील नकुल गांधी ने नखुआ के कुछ ट्वीट का जिक्र करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता सोनिया गांधी, बरखा दत्त, सुहेल सेठ और दूसरे लोगों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करता रहा है। ध्रुव राठी ने अपने जवाब में कहा है कि जिस वीडियो को लेकर नखुआ ने याचिका दायर किया है उसमें के वीडियो के तथ्यों को जानबूझकर छिपाया गया है ताकि कोर्ट को गुमराह किया जा सके। उस वीडियो में भद्दी-भद्दी गालियां दी गई हैं।

24 जुलाई को कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी को नोटिस जारी किया था। कोर्ट ने ध्रुव राठी के अलावा गूगल और एक्स (ट्विटर) को भी नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान नखुआ के वकील राघव अवस्थी और मुकेश शर्मा ने ध्रुव राठी पर आरोप लगाया था कि उसने ’माई रिप्लाई टू गोदी यूट्यूबर्स’ नामक अपने यूट्यूब वीडियो में अपमानजनक आरोप लगाए हैं। याचिका में कहा गया है ध्रुव राठी ने नखुआ को हिंसक और गालीबाज ट्रोल बताया है। नखुआ ने याचिका के जरिये ध्रुव राठी से बताैर 20 लाख का जुर्माना मांगा है।

याचिका में कहा गया है कि ध्रुव राठी ने अपने वीडियो में दावा किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सरकारी आवास पर अंकित जैन, सुरेश नखुआ और तेजेंदर बग्गा जैसे हिंसक और गालीबाज ट्रोल्स को बुलाया था। ध्रुव राठी के उस वीडियो को 24 मिलियन व्यूज मिले हैं जबकि 2.3 मिलियन लाइक्स मिले हैं। याचिका में कहा गया है कि समय बीतने के साथ ही इस वीडियो के व्यूज और लाइक्स बढ़ते जा रहे हैं। नखुआ ने कहा है कि ध्रुव राठी के इस वीडियो से उसकी छवि काफी खराब हुई है। इस वीडियो की वजह से लोग उसकी आलोचना करने लगे हैं और इससे उसके व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन पर काफी बुरा असर पड़ा है। याचिका में कहा गया है कि ध्रुव राठी लोगों के मानहानि के काम में लगातार लगा रहता है और वो अपने फॉलोवर्स के जरिये ऑनलाइन धमकी भी देता है। याचिका में मांग की गई है कि ध्रुव राठी को ट्विटर पर आगे कोई भी वीडियो डालने से रोका जाए।

(Udaipur Kiran) /संजय

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(Udaipur Kiran) / अमरेश द्विवेदी

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