
सीतापुर , 4 दिसंबर (Udaipur Kiran) . जनपद में कोडिनयुक्त सिरप की अवैध बिक्री और इसके दुरुपयोग के बढ़ते मामलों के बीच ड्रग विभाग ने गुरुवार को एक बड़ा खुलासा किया है. शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित मेसर्स बालाजी फार्मा पर शिकंजा कसते हुए संचालक राजेश श्रीवास्तव के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है. यह कार्रवाई जिले में चल रहे नशा रोकथाम अभियान के तहत अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई मानी जा रही है.
ड्रग इंस्पेक्टर अनीता कुरील ने बताया कि हाल ही में किए गए औचक निरीक्षण में फर्म संचालक बिक्री से संबंधित आवश्यक बिल, स्टॉक रजिस्टर और अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके. विशेष रूप से कोडिनयुक्त खांसी सिरप की बिक्री के वैध कागजात न दिखा पाना गंभीर अनियमितता पाई गई. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि फर्म से बिना बिल के नशीले तत्वों वाले सिरप की सप्लाई की जा रही थी, जिससे इसकी अवैध खपत और दुरुपयोग की आशंका और गहरी हो गई.
जांच टीम के अनुसार, फर्म का संचालन जेल रोड स्थित शिव मार्केट से किया जा रहा था—जहां पहले भी संदिग्ध दवा आपूर्ति की शिकायतें मिल चुकी हैं. नशीली दवाओं की बिना अभिलेख बिक्री ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का स्पष्ट उल्लंघन है और यह सीधे तौर पर युवा वर्ग में नशे की लत को बढ़ावा देने वाले गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है.
ड्रग इंस्पेक्टर ने कहा कि किसी भी फर्म के लिए हर बिक्री और स्टॉक का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है, लेकिन मौके पर एक भी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया. इसी आधार पर राजेश श्रीवास्तव के खिलाफ गुरुवार शाम कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत कराया गया है.
इस विभागीय सख्ती के बाद जिले भर के मेडिकल कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है. अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिना लाइसेंस, बिना बिल या अवैध तरीके से संचालित किसी भी दवा व्यवसाय पर अब लगातार कड़ी कार्रवाई होगी. नशीली दवाओं के नेटवर्क पर प्रहार करने के लिए अभियान और तेज किया जा रहा है.
सीतापुर में कोडिनयुक्त सिरप की अवैध सप्लाई के इस ताज़े खुलासे ने जिले में दवा आपूर्ति तंत्र की संवेदनशीलता और निगरानी व्यवस्था की चुनौतियों को एक बार फिर उजागर कर दिया है.
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(Udaipur Kiran) / Mahesh Sharma
