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Friday, 30 October 2026
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मिज़ोरम में पहली बार रेल से पहुंची कारें, क्षेत्रीय परिवहन में मील का पत्थर

मिज़ोरम के सैयरांग रेलवे स्टेशन पर पहली बार मारुति कारें सीधे रेल मार्ग से पहुंचने की तस्वीर।

सैयरांग (मिजोरम), 14 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मिजाेरम के सैयरांग रेलवे स्टेशन पर पहली बार 119 मारुति कारें सीधे रेल मार्ग से पहुंचीं। गुवाहाटी के चांगसारी से आई इस ऐतिहासिक खेप से आइज़ॉल में वाहन उपलब्धता बढ़ेगी, लंबी सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी और राज्य के ऑटोमोबाइल सेक्टर, डीलर, सेवा प्रदाता और ग्राहकों को लाभ मिलेगा। यह कदम मिजाेरम के बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

बैराबी–सैयरांग रेलवे लाइन मिज़ोरम के लिए एक प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धि है। यह 51.38 किलोमीटर लंबी लाइन चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों से गुजरती है और इसमें 45 सुरंगें हैं। यह रेलवे लाइन क्षेत्र को देश के अन्य हिस्सों के साथ रणनीतिक रूप से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

इस लाइन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 13 सितंबर को किया था। इस अवसर पर उन्होंने आइज़ॉल (सैयरांग)–दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) राजधानी एक्सप्रेस, आइज़ॉल (सैयरांग)–गुवाहाटी मिज़ोरम एक्सप्रेस और आइज़ॉल (सैयरांग)-कोलकाता एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे मिज़ोरम पूरी तरह भारत के राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ गया।

नई ट्रेन सेवाओं को यात्रियों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। तीनों ट्रेनों में उच्च सीट अधिभोग देखा गया है-सैयरांग-आनंद विहार टर्मिनल राजधानी एक्सप्रेस 147 फीसदी सैयरांग–गुवाहाटी मिज़ोरम एक्सप्रेस 115 फीसदी और सैयरांग–कोलकाता एक्सप्रेस 139 फीसदी। यात्रियों के अनुसार ये ट्रेनें सुविधाजनक, सस्ती और समय की बचत करने वाली हैं।

बैराबी–सैयरांग लाइन पर माल ढुलाई का काम उद्घाटन के तुरंत बाद शुरू हुआ। पहली बार 14 सितंबर को असम से आइज़ॉल तक 21 सीमेंट की बोगियां भेजी गईं। इसके बाद से इस मार्ग पर सीमेंट, निर्माण सामग्री, ऑटोमोबाइल, रेत और पत्थर की बोगियां भेजी जा रही हैं।

सैयरांग से पहली पार्सल खेप 19 सितंबर को भेजी गई थी, जब एंथुरियम फूल आनंद विहार टर्मिनल तक रेल पार्सल वैन के जरिए भेजे गए। 17 सितंबर से 12 दिसंबर तक कुल 17 बोगियां संभाली गईं। ये सभी विकास संकेत करते हैं कि यह लाइन एक भरोसेमंद लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर बनती जा रही है, जिससे परिवहन लागत कम होगी और मिज़ोरम के आर्थिक व बुनियादी ढांचे के विकास को समर्थन मिलेगा।

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(Udaipur Kiran) / श्रीप्रकाश

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