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Thursday, 29 October 2026
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मुख्यमंत्री डाॅ सरमा ने हिंदू परिवारों से की अपील, दो या तीन जन्में बच्चे

मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा।

गुवाहाटी, 30 दिसंबर (Udaipur Kiran) । असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने राज्य में बदलते जनसंख्या रुझानों को लेकर चिंता जताते हुए हिंदू परिवारों से दाे या तीन बच्चों को जन्म देने की अपील की है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छिड़ गई है। हालांकि मुख्यमंत्री ने सफाई भी दी है कि उनका संदेश किसी एक समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि संतुलन बनाए रखने के लिए है।

मुख्यमंत्री सरमा मंगलवार काे यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने जिन इलाकों में हिंदू समुदाय अल्पसंख्यक है या अल्पसंख्यक बनने की कगार पर है, वहां परिवारों को केवल एक बच्चे तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस अपील का उद्देश्य सामाजिक संतुलन बनाए रखना और भविष्य की चुनौतियों से निपटना है।

डॉ. सरमा के अनुसार, विभिन्न समुदायों के बीच जन्म दर में अंतर एक गंभीर विषय है। उन्होंने दावा किया कि कई क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय की जन्म दर अपेक्षाकृत अधिक है, जबकि हिंदू समुदाय में यह लगातार घट रही है। अगर इस प्रवृत्ति पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो इसके दूरगामी सामाजिक प्रभाव हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे क्षेत्रों में हिंदू परिवारों को कम से कम दो बच्चों और संभव हो तो तीन बच्चों के बारे में भी सोचना चाहिए। उन्होंने इसे परिवार और समाज की दीर्घकालिक स्थिरता से जोड़ते हुए कहा कि बहुत छोटे परिवार भविष्य में समस्याएं खड़ी कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार मुस्लिम समुदाय को भी अत्यधिक बड़े परिवारों से बचने की सलाह देती रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्लिम परिवारों से सात या आठ बच्चों से परहेज करने को कहा जाता है और उनका संदेश किसी एक समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि संतुलन बनाए रखने के लिए है।

मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब असम में जनसंख्या वृद्धि, प्रवासन, भूमि अधिकार और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। जहां उनके समर्थक इसे जनसांख्यिकीय वास्तविकताओं की ओर ध्यान दिलाने वाला बयान बता रहे हैं, वहीं आलोचक इसकी सामुदायिक दृष्टि और सामाजिक प्रभावों पर सवाल उठा रहे हैं।

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(Udaipur Kiran) / श्रीप्रकाश

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