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Wednesday, 28 October 2026
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खारा औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण से मुक्ति और सुजानदेसर में गंदे पानी की समस्या के निराकरण की मांग

राजस्थान के सांसदाें के साथ दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मिले

बीकानेर, 16 दिसंबर (Udaipur Kiran) । बीकानेर के खारा औद्योगिक क्षेत्र में पीओपी फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले धुएं से हो रहे वायु प्रदूषण और केमिकल युक्त गंदे पानी से जल प्रदूषण की समस्या से राहत दिलाने की मांग को लेकर दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा गया। इसके साथ ही सुजानदेसर स्थित चांदमलजी का बाग, मोडजी भट्टा और सोमारनाथ कुटिया क्षेत्रों में फैले जहरीले व गंदे पानी की समस्या के स्थायी समाधान की मांग भी उठाई गई।

जिला कांग्रेस कमेटी देहात अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने श्रीगंगानगर सांसद कुलदीप इन्दौरा, चूरू सांसद राहुल कस्वां, सीकर सांसद अमराराम, झुंझुनूं सांसद बृजेन्द्र ओला, बाड़मेर सांसद उमेदाराम, भरतपुर सांसद संजना जाटव और प्रदेश प्रवक्ता आरसी चौधरी के साथ केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए खारा की पीओपी फैक्ट्रियों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि बीकानेर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर खारा गांव में रीको औद्योगिक क्षेत्र के मिनरल जोन में संचालित करीब 40 पीओपी फैक्ट्रियों के कारण वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। हवा का रुख गांव की ओर होने से फैक्ट्रियों से निकलने वाला धुआं पूरे क्षेत्र में छा जाता है, जिससे ग्रामीणों को सांस लेने में भारी परेशानी हो रही है। प्रदूषण के चलते अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वसन रोगों के मामले बढ़ गए हैं। बच्चों को मास्क लगाकर स्कूल जाना पड़ रहा है, पशुओं की मौतें हो रही हैं और दृश्यता भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। श्वसन संबंधी बीमारियों के कारण कई लोगों की मौत होने का भी दावा किया गया।

इसके साथ ही सुजानदेसर क्षेत्र में गंदे पानी की गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिलाते हुए बताया गया कि मोडजी भट्टा क्षेत्र में लक्ष्मीनाथ मंदिर, टंकी रोड, गोपश्वर बस्ती, खेतेश्वर बस्ती, मोहता सराय और बद्री भैरू मंदिर क्षेत्र से गंदा पानी बहकर चांदमलजी के बाग क्षेत्र में पहुंचता है। वहीं दूसरी ओर सोमारनाथ कुटिया क्षेत्र में नत्थूसर गेट, जनता प्याऊ, पुराना शहर और छोटा राणीसर बास होते हुए गंदा पानी नालों के माध्यम से श्रीरामसर तक पहुंच रहा है, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री से इन समस्याओं के शीघ्र और स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।

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(Udaipur Kiran) / राजीव

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