
जयपुर, 2 दिसंबर (Udaipur Kiran) . नाबालिगों से जुडे अपराध में वीडियो वायरल करने सहित अन्य आईटी एक्ट के अपराध शामिल होने पर उस प्रकरण की जांच पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे. डीजीपी ने वीसी के जरिए जुडकर हाईकोर्ट को इस संबंध में आश्वस्त किया. वहीं अदालत ने मामले में पीडिता के पक्षद्रोही होने के आधार पर आरोपी को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए. जस्टिस समीर जैन ने यह आदेश नितिन सैनी की जमानत याचिका पर दिए.
सुनवाई के दौरान डीजीपी वीसी के जरिए अदालत से जुडे. अदालत के सामने गत सुनवाई पर सामने आया था कि इस मामले में आईटी एक्ट से जुडा अपराध भी शामिल है, लेकिन प्रकरण की जांच उप निरीक्षक स्तर के अधिकारी ने कर आरोप पत्र पेश किया है, जबकि कानून के अनुसार ऐसे मामलों की जांच पुलिस निरीक्षक स्तर का अधिकारी कर सकता है. ऐसे में अदालत ने डीजीपी को इस संबंध में अपना जवाब देने को कहा था. डीजीपी ने अदालत को कहा कि इस संबंध में परिपत्र जारी कर दिया गया है. अब ऐसे सभी मामलों की जांच पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे. वहीं राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस मामले में निचली अदालत में प्रार्थना पत्र पेश किया जाएगा और आईटी एक्ट की धाराएं भी शामिल की जाएगी. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता भरत यादव ने कहा कि मामले में पीडिता ने अपने बयान में याचिकाकर्ता पर आरोप नहीं लगाए हैं. ऐसे में उसे जमानत दी जाए. इस पर अदालत ने पीड़िता के पक्षद्रोही होने के आधार पर उसे जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं.
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(Udaipur Kiran)
