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Friday, 30 October 2026
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दूरसंचार सुरक्षा को लेकर डीओटी के सुधार ऐतिहासिक, आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई गति: ज्योतिरादित्य सिंधिया

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (फाइल फोटो)

नई दिल्ली, 29 दिसंबर (Udaipur Kiran) । केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा दूरसंचार सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लागू किए जा रहे सुधारों को परिवर्तनकारी बताते हुए कहा है कि ये कदम उद्योग की सतत वृद्धि, अनुपालन बोझ में कमी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ विजन को मजबूती देंगे।

संचार मंत्री ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि जैसे-जैसे डिजिटल नेटवर्क तेजी से हर नागरिक तक पहुंच रहे हैं, उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में डीओटी के अंतर्गत राष्ट्रीय संचार सुरक्षा केंद्र (एनसीसीएस) द्वारा व्यापक सुधार लागू किए जा रहे हैं।

सिंधिया ने बताया कि प्रमुख सुधारों में मूल उपकरण निर्माताओं (ओईएम) के लिए प्रो-टेम सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन स्कीम को दो वर्षों के लिए बढ़ाना और टेलीकॉम सिक्योरिटी टेस्टिंग लैबोरेटरीज (टीएसटीएल) के शुल्क में कमी शामिल है। उन्होंने कहा कि इन उपायों से दूरसंचार उपकरण निर्माताओं को बड़ी राहत मिलेगी और कारोबार करना आसान होगा।

उन्होंने कहा कि डीएसएस—‘डिज़ाइन इन इंडिया, सॉल्व इन इंडिया, स्केल फॉर द वर्ल्ड’ सिद्धांत के अनुरूप इन सुधारों से दूरसंचार उपकरण निर्माताओं को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में बड़ी राहत मिलेगी। इसके तहत महिला-नेतृत्व वाली और एमएसएमई टेस्टिंग लैब्स के लिए अनुपालन बोझ में 90 प्रतिशत तक की कमी, जबकि अन्य टेस्टिंग लैब्स के लिए 50 प्रतिशत की कमी की गई है। इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार की टेस्टिंग एजेंसियों, आईआईटी और अन्य सरकारी संस्थानों के लिए शुल्क पूरी तरह माफ करने का प्रावधान किया गया है।

मंत्री ने कहा कि सुरक्षा सत्यापन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए मजबूत सुरक्षा मानकों को बनाए रखने से विनिर्माताओं को सशक्त किया जाएगा, नवाचार को गति मिलेगी और देशभर में ब्रॉडबैंड पहुंच का विस्तार होगा। साथ ही, इससे स्वदेशी दूरसंचार सुरक्षा परीक्षण अवसंरचना के विकास को बढ़ावा मिलेगा और भारत एक विश्वसनीय दूरसंचार विनिर्माण व परीक्षण केंद्र के रूप में और सुदृढ़ होगा।

उन्होंने कहा कि ये परिवर्तनकारी कदम सुरक्षा, पैमाने और गति के साथ आत्मनिर्भर भारत के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाते हैं।

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(Udaipur Kiran) / सुशील कुमार

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