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Wednesday, 28 October 2026
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एएसआई विभाग में फर्जी भर्ती घोटाले का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

पुलिस का लोगो

नई दिल्ली, 20 दिसंबर (Udaipur Kiran) । दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने देशभर के बेरोजगार युवाओं को ठगने वाले फर्जी सरकारी भर्ती घोटाले का पर्दाफाश किया है। आरोपित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), संस्कृति मंत्रालय के नाम पर नकली वेबसाइट बनाकर सरकारी नौकरी का झांसा दे रहे थे। इस संबंध में थाना स्पेशल सेल में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

आईएफएसओ यूनिट के पुलिस उपायुक्त विनित कुमार ने शनिवार को बताया कि कुछ समय पहले पुलिस को ठगी की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया कि आरोपितों ने एएसआई के नाम पर क्यूरेटर के 7 और जूनियर असिस्टेंट के 84 पदों के लिए फर्जी भर्तियां निकाली थीं। इसके लिए एएसआई और संस्कृति मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखने वाली एक नकली वेबसाइट बनाई गई। जिसमें सरकारी लोगो, रंग, लेआउट और फॉर्मेट तक हूबहू नकल की गई थी। फर्जी भर्ती का लिंक कॉलेज छात्रों के व्हाट्सएप ग्रुप, ऑनलाइन फोरम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जमकर वायरल किया गया। कई छात्रों और बिचौलियों को पैसे देकर भी इसका प्रचार कराया गया। जिससे सैकड़ों उम्मीदवारों ने इसे असली समझकर आवेदन कर दिया।

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपितों ने करीब 150 उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किया। परीक्षा के लिए जयपुर में एक प्रतिष्ठित परीक्षा केंद्र बुक किया गया। जहां पूरी तरह सरकारी परीक्षा जैसा माहौल बनाया गया। बैठने की व्यवस्था, प्रश्नपत्र, प्रक्रिया-सब कुछ इतना पेशेवर था कि किसी को शक तक नहीं हुआ। वहीं आरोपितों की योजना थी कि करीब 50 प्रतिशत अभ्यर्थियों को पास घोषित कर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा और वहीं “निश्चित चयन” के बदले मोटी रिश्वत मांगी जाएगी। लेकिन इससे पहले ही दिल्ली पुलिस ने इस पूरे रैकेट को ध्वस्त कर दिया और आरोपितों को इंटरव्यू चरण से पहले ही गिरफ्तार कर लिया।

पकड़े गए आरोपितों की पहचान जयपुर निवासी कुलदीप (30) और जयपुर निवासी पीयूष (25) के रूप में हुई है। जांच में पता चला है कि पकड़ा गया कुलदीप बी.कॉम पास, एलएलबी द्वितीय वर्ष का छात्र है और मुख्य आरोपित है। वहीं पीयूष ने भी बी.टेक (कंप्यूटर साइंस) किया हुआ है और उसकी फर्जी वेबसाइट बनाने में भूमिका थी। पुलिस ने आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ ही दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक डेस्कटॉप कंप्यूटर, एक आईपैड, एक टैबलेट और बैंक पासबुक बरामद किया है।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी सरकारी भर्ती की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और विश्वसनीय स्रोतों से ही प्राप्त करें, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

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(Udaipur Kiran) / कुमार अश्वनी

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