Skip to content
Thursday, 29 October 2026
BREAKING
CHHATTISGARH

धमतरी में फूलों की खेती को मिलेगा नया आयाम

जिले में हो रही फूलाें की खेती।
कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में उपस्थित जिले के अधिकारी कर्मचारी।

धमतरी, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । जिले में किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में एक और ठोस कदम उठाते हुए सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने की। इसका उद्देश्य जिले में फूलों की संरक्षित खेती को बढ़ावा देना, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना तथा वित्तीय सहायता और बाजार की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रगतिशील एवं इच्छुक किसान शामिल हुए।

कार्यशाला में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी जिले की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां गुलाब, जरबेरा, आर्किड, लिली जैसे उच्च मूल्य वाले फूलों की संरक्षित खेती के लिए बेहद अनुकूल हैं। उन्होंने कहा कि बदलते समय में पारंपरिक खेती के साथ-साथ फूलों की संरक्षित खेती किसानों के लिए स्थायी और लाभकारी आय का मजबूत माध्यम बन सकती है। जिले के कुछ किसान पहले ही इस क्षेत्र में सफलता हासिल कर दूसरों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

कलेक्टर ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड एवं शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत पॉलीहाउस, शेडनेट, ड्रिप सिंचाई जैसी संरक्षित खेती संरचनाओं के लिए आकर्षक सब्सिडी, बैंक ऋण और तकनीकी प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध है। किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऑनलाइन आवेदन, डीपीआर निर्माण और बैंक ऋण से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु विशेष सहायता शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि किसानों को समय पर लाभ मिल सके।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की उप संचालक गरपति श्रीनिजा ने संरक्षित खेती की तकनीक, लागत अनुमान, अनुदान संरचना और वित्तीय सहायता प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फूलों के साथ-साथ टमाटर, शिमला मिर्च, ककड़ी जैसी सब्जियों की संरक्षित खेती पर भी अनुदान का प्रावधान है, जिससे किसानों के लिए आय के नए अवसर खुलते हैं।

कार्यशाला में अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा बैंकिंग और ऋण प्रक्रिया की सरल जानकारी साझा की गई। वहीं योजनाओं से लाभान्वित उन्नत किसानों ने अपने अनुभव साझा कर अन्य किसानों को प्रोत्साहित किया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और आत्मविश्वास का वातावरण बना।

इस अवसर पर कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में उप संचालक कृषि मोनेश साहू, उप संचालक उद्यान पूजा कश्यप साहू सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के समापन पर किसानों में फूलों की संरक्षित खेती को लेकर नई जागरूकता और सकारात्मक सोच स्पष्ट रूप से देखने को मिली।

(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *