Skip to content
Thursday, 29 October 2026
BREAKING
HARYANA

गुरुग्राम: भारत की पहली रोबोटिक टेली सर्जरी मैराथन में 100 सफल सर्जरी का बना कीर्तिमान

गुरुग्राम से रोबोटिक सर्जरी करते एसएस इनोवेशन के संस्थापक चेयरमैन एवं सीईओ डा. सुधीर पी. श्रीवास्तव।

-एसएस इनोवेशन के संस्थापक डा. सुधीर पी. श्रीवास्तव ने की सर्जरी

-स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह उपलब्धि बड़ा कदम

गुरुग्राम, 24 दिसंबर (Udaipur Kiran) । भारत की पहली स्वदेशी सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम मंत्रा बनाने वाली कंपनी इनोवेशन इंटरनेशनल ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने 100 सफल रोबोटिक टेली सर्जरी पूरी करने का ऐतिहासिक कीर्तिमान बनाया है। यह उपलब्धि तकनीक सक्षम स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में देश के लिए एक बड़ा कदम है।

इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में कंपनी ने भाारत की पहली मैराथन रोबोटिक टेली सर्जरी की, जिसमें एक ही दिन में 20 से अधिक सफलता पूर्वक टेली सक्षम रोबोटिक सर्जरी की गई, जिसमें देश के प्रमुख रोबोटिक सर्जनों ने भाग लिया। 1.4 अरब की आबादी वाले भारत जैसे देश में जहां उन्नत सर्जिकल देखभाल तक समान पहुंच अभी एक चुनौती है। यह उपब्धि टेली सर्जरी की परिवर्तन क्षमता को दर्शाती है। एसएसआईआई मंत्रा के माध्यम से विशेषज्ञ सर्जन दूर बैठकर सर्जरी कर सकते हैं।

इस अवसर पर एसएस इनोवेशन के संस्थापक चेयरमैन एवं सीईओ डा. सुधीर पी. श्रीवास्तव ने बताया कि एसएसआईआई मंत्रा के साथ 100 टेली सर्जरी पूरी करना भारतीय मेड टेक नवाचार के लिए एक निर्णायक क्षण है। यह मैराथन रोबोटिक टेली सर्जरी बड़े पैमाने पर सटीकता और विश्वसनीयता का प्रदर्शन है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उन्नत सर्जिकल देखभाल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित ना रहे और भारत में विश्व स्तरीय विशेज्ञता सुरक्षित तकनीक के माध्यम से हर मरीज तक पहुंचे। कार्यक्रम में राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर और जेनिटल यूरिनरी ऑन्कोलॉजी के चीफ डा. सुधीर रावल ने कहा कि एसएसआईआई मंत्रा के माध्यम से रोबोटिक टेली सर्जरी उन कैंसर मरीजों के लिए सटीक और समय पर इलाज संभव बनाती है, जिन्हें विशेषज्ञ सर्जिकल देखभाल तक पहुंच नहीं मिल पाती। यह उपलब्धि ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में देखभाल के नए मॉडल की ओर सार्थक बदलाव है। मोहक बैरियाट्रिक्स एंड रोबोटिक्स के डायरेक्टर डा. मोहित भंडारी, हैदराबाद में प्रीति यूरोलॉजी एंड किडनी हॉस्पिटल्स के एमडी डा. चंद्रमोहन वड्डी, मणिपाल अस्पताल के कंसल्टेंट कार्डियोथोरेसिक एंड वेस्कुलर सर्जन डा. ललित मलिक, एपेक्स अस्पताल मुरादाबाद के सीनियर बैरियाट्रिक एंड रोबोटिक सर्जन डा. मगन मेहरोत्रा ने भी इस तकनीक को भविष्य के लिए जरूर व लाभकारी बताया।

(Udaipur Kiran)

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *