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Friday, 30 October 2026
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हिमाचल के स्ट्रीट फूड को मिलेगी वैश्विक पहचान: सुरेश कश्यप

सुरेश कश्यप

शिमला, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) । शिमला संसदीय क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के सांसद सुरेश कुमार कश्यप ने कहा है कि भारत का स्ट्रीट फूड केवल रोज़गार का साधन नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता और “अनेकता में एकता” का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत जैसा विविध और समृद्ध स्ट्रीट फूड कहीं देखने को नहीं मिलता। देश के हर क्षेत्र का खान–पान वहां की संस्कृति और परंपरा को दर्शाता है।

सांसद सुरेश कश्यप ये बातें मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के समर हिल परिसर में आयोजित स्ट्रीट फूड विक्रेता प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कह रहे थे। इस कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यशाला का आयोजन भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के उत्तरी क्षेत्र कार्यालय, गाजियाबाद द्वारा किया गया। इसका संयोजन स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशालय ने किया।

कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर महावीर सिंह सहित अंकेश मिश्र, वीरेंद्र चौहान, जितेंद्र सांझटा और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सांसद सुरेश कश्यप ने आयोजकों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि हिमाचल प्रदेश की संस्कृति बेहद समृद्ध है और यहां के स्ट्रीट फूड की अलग पहचान है। स्ट्रीट फूड वेंडर्स न केवल लोगों को सेवा देते हैं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार भी हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से वेंडर्स को सीधे तौर पर लाभ मिलता है।

उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स को साफ–सफाई, भोजन की गुणवत्ता, व्यक्तिगत स्वच्छता और ठेले की नियमित सफाई को लेकर जरूरी जानकारी दी गई है। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि खाद्य जनित बीमारियों से बचाव हो सके।

सांसद कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्ट्रीट वेंडर्स के लिए शुरू की गई योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्व–निधि योजना स्ट्रीट वेंडर्स के लिए एक बड़ी मदद साबित हो रही है। इस योजना के तहत 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये तक का बिना गारंटी ऋण केवल 7 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर मिल रहा है। इसके अलावा विश्वकर्मा योजना और स्वरोजगार से जुड़ी अन्य योजनाओं से भी बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाया गया है। डिजिटल भुगतान, स्टार्टअप और स्वरोजगार योजनाओं के कारण युवा अब नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है। उन्होंने दावा किया कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। 2047 तक विकसित भारत का सपना भी इसी दिशा में पूरा होगा।

कार्यक्रम के अंत में सांसद सुरेश कश्यप ने प्रशिक्षण पूरा करने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को प्रमाणपत्र वितरित किए। प्रमाणपत्र पाने वालों में राम देव चौहान, भरत सिंह, रामेश्वर, राम विष्णु, राम शंकर और राकेश शामिल रहे। सीता रिपन अस्पताल के पास मोमो का स्टॉल लगाने वाले सुनील चौपाल ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें साफ–सफाई और भोजन की गुणवत्ता को लेकर कई जरूरी बातें सीखने को मिलीं।

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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा

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