धमतरी : आयुष्मान भारत योजना में भारी अनियमितता: सिद्धि विनायक न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हास्पिटल का पंजीयन निरस्त


धमतरी, 5 दिसंबर (Udaipur Kiran) । आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद सिद्धि विनायक न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हास्पिटल, धमतरी का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। यह आदेश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला धमतरी द्वारा दाे नवंबर काे जारी किया गया है। जिले के सीएमएचओ यूएल काैशिक ने आज बताया कि उप सचिव, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रेषित पत्र के आधार पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ने अस्पताल से जुड़े कई संदिग्ध मामलों की पहचान की थी, जिसके बाद राज्य स्तरीय टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इनमें योजना के अंतर्गत उपलब्ध दवाइयों के बावजूद मरीजों से अतिरिक्त शुल्क वसूलना, दूसरे अस्पताल से मिलकर मरीजों को अपने अस्पताल में भर्ती करने के लिए प्रेरित करना, योजना में भर्ती होने पर अधिक समय लगने और नकद भुगतान करने पर जल्दी छुट्टी देने की बात कहना, नर्सिंग होम एक्ट के नियमों का उल्लंघन, स्वीकृत क्षमता 30 बेड के बजाय 33 मरीजों को भर्ती करना, वाइडल टेस्ट नेगेटिव होने पर भी टायफाइड बताकर भर्ती करना, जनरल वार्ड में उपयोग किए जाने वाले उपकरणों की स्टेरिलिटी न होना, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन और रिकॉर्ड संधारण अत्यंत कमजोर पाया जाना शामिल है। इसके अलावा वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण की अनिवार्य एनओसी उपलब्ध नहीं कराई गई थी तथा फायर विभाग का प्रमाण पत्र भी निर्धारित अवधि पर नवीनीकृत नहीं किया गया था। निरीक्षण के दौरान केवल एक डाक्टर की उपस्थिति पाई गई जबकि दूसरा लंबे समय से अनुपस्थित था। मरीजों के आईपीडी दस्तावेज भी अस्पताल की ओर से उपलब्ध नहीं कराए गए। अस्पताल से प्राप्त स्पष्टीकरण को असंतोषजनक और अस्वीकार्य माना गया। सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना का उद्देश्य आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को गुणवत्तापूर्ण तथा निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस प्रकार की अनियमितताएं योजना के दिशा-निर्देशों और अनुबंध का गंभीर उल्लंघन हैं। सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने के करण सिद्धि विनायक न्यू बोर्न एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का पंजीयन आगामी एक वर्ष के लिए निरस्त किया गया है।
(Udaipur Kiran) / रोशन सिन्हा



