अमेरिका के President डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के फैसले के बाद, पूरे देश में “स्वदेशी अपनाओ” की चर्चा तेज हो गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील है कि देशवासी अमेरिकी ब्रांड्स के बजाय Indian उत्पाद खरीदें, जिससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और अमेरिका को भी आर्थिक नुकसान हो. अगर सच में भारत के 140 करोड़ लोग अमेरिकी प्रोडक्ट्स से किनारा कर लें, तो इन 30 प्रमुख अमेरिकी कंपनियों के लिए Indian बाजार बड़ा झटका बन सकता है.

अमेरिका की 30 प्रमुख कंपनियां जिनका भारत में बड़ा कारोबार:
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Amazon India — ई-कॉमर्स में सबसे बड़ा नाम, लगभग हर घर में पहुंच.
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Apple Inc — iPhone और अन्य डिवाइस के लिए भारत एक बड़ा बाजार.
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Google (Alphabet Inc.) — सर्च, एंड्रॉइड, क्लाउड, विज्ञापन में दिग्गज.
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Microsoft — हर कंप्यूटर, लैपटॉप और क्लाउड में मौजूद.
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Meta (Facebook, Instagram, WhatsApp) और X (Twitter) — सोशल मीडिया के लगभग हर प्लेटफॉर्म पर कब्जा.
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Coca-Cola India — कोका-कोला, थम्स अप, माजा, किनले आदि पेय.
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PepsiCo India — पेप्सी, 7Up, मिरिंडा, कुरकुरे, लेज.
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Procter & Gamble (P&G) — व्हिस्पर, टाइड, विक्स, हेड एंड शोल्डर.
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Colgate-Palmolive — कोलगेट टूथपेस्ट, टूथब्रश.
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Johnson & Johnson — बेबी प्रोडक्ट्स, साबुन, पाउडर.
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Nestlé India — मैगी, नेस्कैफे, किटकैट, मिल्कमेड.
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Kimberly-Clark Lever — हगीज डायपर, कोटेक्स.
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Kellogg India — कॉर्नफ्लेक्स, ओट्स, चॉकोज.
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J.M. Smucker — जैम, पीनट बटर.
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Mars — स्निकर्स, पेट केयर प्रोडक्ट्स.
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Mondelez India (Cadbury) — डेयरी मिल्क, बोर्नविटा, ओरियो.
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McDonald’s India — बर्गर, फ्रेंच फ्राइज, मैकफ्लरी.
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KFC — फ्राइड चिकन, बर्गर, फास्ट-फूड.
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Domino’s Pizza & Pizza Hut — पिज्जा, पास्ता, गार्लिक ब्रेड.
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Starbucks India — कॉफी, डेसर्ट, फ्रैपुचिनो.
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Forever 21 — ट्रेंडी कपड़े, फैशन ब्रांड.
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Maybelline New York — लिपस्टिक, फाउंडेशन, मस्कारा.
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Timex — घड़ियां, स्टाइलिश वॉचेस.
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Fossil India — प्रीमियम घड़ियां, बैग, वॉलेट.
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Nike India — स्पोर्ट्सवियर, जूते, फिटनेस एक्सेसरीज़.
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Levi Strauss India — जींस, जैकेट्स, डेनिम फैशन.
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Skechers India — स्पोर्ट्स और कैजुअल जूते.
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Gap India — कैजुअल कपड़े, टी-शर्ट, जींस.
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Guess — फैशन वॉचेस, एक्सेसरीज.
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Citigroup (Citi India) — बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, निवेश सेवाएं.
इन अमेरिकी कंपनियों के बहिष्कार का असर
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ई-कॉमर्स, स्मार्टफोन, फूड-ड्रिंक, फैशन, लाइफस्टाइल, बैंकिंग — हर सेक्टर में अमेरिकी कंपनियों की गहरी पैठ है.
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यदि भारत ने रणनीतिक तौर पर अमेरिकी ब्रांड्स का विकल्प चुना, तो अमेरिकी इकोनॉमी पर बड़ा असर पड़ेगा.
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सरकार काउंटर टैरिफ, डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा अमेरिकी उत्पादों की बिक्री कम करने, और आम उपभोक्ताओं द्वारा “वोकल फॉर लोकल” अपनाने जैसे कदम उठा सकती है.