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Friday, 30 October 2026
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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा : पीयूष गोयल

भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता पर जानकारी देते

नई दिल्‍ली, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । केंद्रीय वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और न्‍यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) को दोनों देशों के लिए फायदे का सौदा बताया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते से हमारे किसानों, मछुआरों और डेयरी सेक्टर को बहुत ज्‍यादा फायदा होगा। उन्होंने कहा कि यह आपसी फायदे वाला समझौता भारत-न्यूज़ीलैंड आर्थिक साझेदारी को और मज़बूत करेगा और विकसित भारत 2047 के विज़न की ओर भारत की यात्रा को आगे बढ़ाएगा।

केंद्रीय वाणिज्‍य मंत्री ने ‘एक्‍स’ पोस्‍ट पर भारत-न्‍यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता वार्ता संपन्न होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा क‍ि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के मार्गदर्शन और नेतृत्व में और मेरे दोस्त और समकक्ष मंत्री टॉड मैक्ले के करीबी और सहयोगी जुड़ाव से भारत न्यूजीलैंड ने रिकॉर्ड नौ महीनों में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह हमारे द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्री ने बताया कि एफटीए लागू होने पर भारत के 100 फीसदी निर्यात पर टैरिफ शुल्क सुनिश्चित करेगा, जिसमें सभी टैरिफ लाइनों पर टैरिफ खत्म कर दिया जाएगा। इससे किसानों, एमएसएमई, श्रमिकों, कारीगरों, महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों और युवाओं को फायदा होगा, साथ ही कपड़ा, परिधान, चमड़ा और जूते जैसे श्रम-गहन क्षेत्रों के लिए अपार अवसर मिलेंगे। इंजीनियरिंग और विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी, प्लास्टिक, फार्मास्यूटिकल्स और रसायन जैसे क्षेत्रों को भी फायदा होगा।

उन्‍होंने कहा कि यह समझौता निवेश को महत्वपूर्ण बढ़ावा देता है, जिसमें न्यूज़ीलैंड 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर का प्रत्‍यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को लाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका लक्ष्य विनिर्माण, बुनियादी ढांचा, सेवाएं, नवाचार और रोजगार सृजन है। इसमें किसानों को सशक्त बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एफटीए न्यूज़ीलैंड के बाजारों में भारतीय कृषि उत्पादों के लिए नए अवसर खोलेगा, जिसमें फल, सब्जियां, कॉफी, मसाले, अनाज और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ शामिल हैं।

गोयल ने कहा कि कृषि उत्पादकता साझेदारी, उत्कृष्टता केंद्रों और न्यूज़ीलैंड की उन्नत कृषि-प्रौद्योगिकियों तक पहुंच के माध्यम से किसानों को उच्च उत्पादकता, बेहतर गुणवत्ता और उच्च आय से काफी फायदा होगा। शहद, कीवी फल और सेब जैसे बागवानी उत्पादों के लिए लक्षित पहल इस क्षेत्र को और मजबूत करेगी। वाणिज्‍य मंत्री ने कहा कि घरेलू संवेदनशीलता को देखते हुए भारत ने कृषि और संबद्ध उत्पादों की सुरक्षा की है, जिसमें डेयरी, चीनी, कॉफी, मसाले, खाद्य तेल, कीमती धातुएं (सोना और चांदी), कीमती-धातु स्क्रैप, तांबा कैथोड और रबर-आधारित उत्पाद शामिल हैं, जिससे किसानों, एमएसएमई और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

गोयल ने कहा कि एफटीए भारत के सेवा क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा करता है, जिसमें आईटी और आईटीईएस, वित्त, शिक्षा, पर्यटन, निर्माण और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा, छात्र गतिशीलता और अध्ययन के बाद न्यूज़ीलैंड के पहले परिशिष्ट भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए अभूतपूर्व रास्ते खोलते हैं। इसके अलावा बेहतर मोबिलिटी के प्रावधान, जिसमें वर्किंग हॉलिडे वीज़ा, पढ़ाई के बाद काम करने के रास्ते, और कुशल भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए 5,000 अस्थायी रोज़गार वीज़ा का एक खास कोटा शामिल है, भारतीय टैलेंट को बेहतर ग्लोबल मौके पाने में मदद करेगा।

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(Udaipur Kiran) / प्रजेश शंकर

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