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Thursday, 29 October 2026
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इंदौरः एमपी ट्रांसको के सबस्टेशनों में रात्रिकालीन औचक निरीक्षण की पहल से बढ़ी सजगता, सकारात्मक परिणाम मिले

एमपी ट्रांसको के सबस्टेशनों में रात्रिकालीन औचक निरीक्षण

इंदौर, 03 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा इंदौर क्षेत्र सहित प्रदेश में सबस्टेशनों की सुरक्षा एवं कार्यप्रणाली में सुधार हेतु शुरू की गई रात्रिकालीन औचक निरीक्षण की पहल लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। इन निरीक्षणों के बाद सबस्टेशनों पर तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों में कार्य के प्रति सजगता और अनुशासन का स्तर बढ़ा है, वहीं लापरवाही के मामलों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। इस पहल से न केवल सुरक्षा में मजबूती आई है, बल्कि यार्ड संचालन एवं कार्य दक्षता में भी सुधार देखा गया है।

इंदौर के अधीक्षण अभियंता जयेश चौपड़ा ने बुधवार को बताया कि रात्रिकालीन औचक निरीक्षण की यह परंपरा पूर्व मुख्य अभियंता प्रवीण गार्गव के कार्यकाल में प्रारंभ की गई थी। उस समय इंदौर क्षेत्र में सबस्टेशनों के ट्रांसफॉर्मरों के न्यूट्रल से जुड़े अत्यंत संवेदनशील एवं बहुमूल्य तांबे की स्ट्रिप एवं आईसोलेटर के कापर ब्लेड चोरी की घटनाएँ सामने आती थीं। सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई यह पहल अब तक प्रभावी सिद्ध हुई है। निरीक्षण के दौरान प्रत्येक अधिकारी को सबस्टेशन का फोटो व वीडियो प्रमाण सहित निरीक्षण विवरण विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप में साझा किये जा रहे हैं, जिससे सम्पूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है।

रात्रि में यार्ड निरीक्षण का लाभ भीचौपड़ा ने बताया कि रात्रिकालीन यार्ड निरीक्षण एक तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। अंधकार में यार्ड की जाँच के दौरान कई ऐसी सूक्ष्म गतिविधियाँ सामने आते हैं, जिन्हें दिन के उजाले में अक्सर देखा नहीं जा सकता। इससे उपकरणों में संभावित खराबी का समय रहते पता चल रहा है जिससे अचानक होने वाले ब्रेकडाउन या इमरजेंसी को टाला जा सका है,साथ ही मेंटेनेंस कार्य पहले से बेहतर ढंग से योजनाबद्ध हुआ है। अधिकारियों के साथ निरीक्षण के दौरान आउटसोर्स कर्मियों को भी रात्रिकालीन यार्ड निरीक्षण की बारीकियाँ सीखने का अवसर मिल रहा है, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता में बढ़ोतरी हो रही है।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के अंतर्गत जूनियर इंजीनियर से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता तक सभी अधिकारियों को नियमित रूप से औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर किए जा रहे ये निरीक्षण सबस्टेशनों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और संचालन गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित कर रहे हैं।

(Udaipur Kiran) तोमर

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