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Friday, 30 October 2026
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हमीरपुर महाविद्यालय में अंतर महाविद्यालय खो-खो प्रतियोगिता का समापन, हमीरपुर कॉलेज बना विजेता

कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ पुष्पेंद्र वर्मा

हमीरपुर, 24 दिसंबर (Udaipur Kiran) । नेताजी सुभाषचंद्र बोस स्मारक राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में आयोजित हि.प्र. अंतर महाविद्यालय खो-खो प्रतियोगिता का समापन वरिष्ठ कांग्रेसी नेता डॉ. पुष्पेन्द्र वर्मा ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में खेलों और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार द्वारा बेहतरीन प्रयास किए जा रहे हैं और युवाओं को इन अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए। खेल न केवल शारीरिक विकास का माध्यम हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता को भी मजबूत करते हैं।

प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला हमीरपुर कॉलेज और कोटशेरा कॉलेज शिमला की टीमों के बीच खेला गया। रोमांचक मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए हमीरपुर कॉलेज की टीम विजेता बनी, जबकि कोटशेरा कॉलेज शिमला की टीम उपविजेता रही। पूरे टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने खेल भावना और उत्कृष्ट कौशल का परिचय दिया, जिसकी दर्शकों और आयोजकों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की।

समापन समारोह से पूर्व महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सतीश सोनी ने प्रतियोगिता की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत करते हुए आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर अतिथियों को स्मृति चिन्ह, शाल और टोपी भेंट कर सम्मानित किया गया।

वहीं डॉ.पुष्पेन्द्र वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार चिट्टा और नशा मुक्त हिमाचल बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास कर रही है। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में सरकार का सहयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि बच्चों का रुझान खेलों और स्थानीय गतिविधियों की ओर होगा, तो वे नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से स्वतः ही दूर रहेंगे।

डॉ. वर्मा ने राजनीतिक विषयों पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी करना भाजपा को शोभा नहीं देता। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा महात्मा गांधी पर की गई टिप्पणी को अशोभनीय बताया। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में सम्मानित और पूजनीय व्यक्तित्व हैं। विश्व की सबसे बड़ी रोजगार योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे देश की ऐतिहासिक और वैचारिक विरासत को ठेस पहुंचती है।

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(Udaipur Kiran) / विशाल राणा

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