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Thursday, 29 October 2026
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नवाचार से अभेद्य होगी आंतरिक सुरक्षा: सीडीटीआई जयपुर में राष्ट्रीय हैकाथॉन शील्ड 1.0 का आगाज़

नवाचार से अभेद्य होगी आंतरिक सुरक्षा

जयपुर, 29 दिसंबर (Udaipur Kiran) । केंद्रीय जासूसी प्रशिक्षण संस्थान (सीडीटीआई) जयपुर में आज से दो दिवसीय राष्ट्रीय हैकाथॉन “शील्ड 1.0 – स्मार्ट हैकाथॉन फॉर इंटेलिजेंस, एनफोर्समेंट, लॉ एवं डिफेन्स” का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सामने आने वाली आधुनिक समस्याओं के लिए तकनीक-आधारित प्रभावी समाधान खोजना है।

निदेशक सीडीटीआई डॉ अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि इस हैकाथॉन के माध्यम से देशभर के साइबर विशेषज्ञ, डेवलपर्स और नवाचारी छात्र एक मंच पर एकत्रित हुए हैं। यह आयोजन मुख्य रूप से डिजिटल फॉरेंसिक्स, साइबर अपराध रोकथाम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सर्विलांस इंटेलिजेंस जैसे गंभीर विषयों पर केंद्रित है। इसका लक्ष्य ऐसी उन्नत प्रणालियां विकसित करना है, जो भारत की आंतरिक सुरक्षा और पुलिसिंग क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और अधिक सुदृढ़ बना सकें।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उप निदेशक एनसीआरबी नई दिल्ली प्रशुन गुप्ता उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में आधुनिक पुलिसिंग और कानून प्रवर्तन में डेटा एनालिटिक्स और एआई की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे ऐसे समाधान विकसित करें जो न केवल तकनीकी रूप से उन्नत हों, बल्कि वास्तविक परिस्थितियों में व्यावहारिक और नैतिक रूप से सुरक्षित भी हों।

सीडीटीआई निदेशक डॉ. कपूर ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए शील्ड 1.0 की अवधारणा को साझा किया। उन्होंने बताया कि युवाओं की रचनात्मक सोच को सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में विस्तार योग्य मॉडल्स में बदलना इस हैकाथॉन की पहली प्राथमिकता है। विशिष्ट अतिथियों के रूप में एमएनआईटी जयपुर की डॉ. मीनाक्षी त्रिपाठी और साइबर विशेषज्ञ श्री योगेश राव ने भी नवाचार और स्वदेशी तकनीकी विकास के महत्व पर अपने विचार रखे। उद्घाटन समारोह के तुरंत बाद तकनीकी सत्र और कोडिंग राउंड शुरू हुए, जिसमें विभिन्न संस्थानों के छात्र उत्साह के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। दो दिनों तक चलने वाले इस मंथन से ऐसे तकनीकी मॉडल निकलकर आने की उम्मीद है, जो अकादमिक ज्ञान और सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली के बीच के अंतर को कम करेंगे और राष्ट्रीय सुरक्षा में सार्थक योगदान देंगे।

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(Udaipur Kiran)

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