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Saturday, 31 October 2026
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मप्र में अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्कर लाचुंगपा भारत-चीन सीमा पर सिक्किम से हुई गिरफ्तार

अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर लाचुंगपा भारत-चीन सीमा सिक्किम से गिरफ्तार

– स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश एवं वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली ने की कार्रवाईभोपाल, 05 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्य प्रदेश और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली ने भारत-चीन की अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास लाचंग, मंगन, जिला उत्तर सिक्किम (सिक्किम) से गिरफ्तार किया है।

10 साल से वांछित इस आराेपित काे अंतरर से कई महीनों की कड़ी मेहनत के उपरांत 2 दिसम्बर 2025 को सफलतापूर्वक कार्रवाई में गिरफ्तार किया है। मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में प्रदेश में वन एवं वन्यजीव के संरक्षण के लिये लगातार समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। इस दिशा में यह कार्रवाई की गई है।

जनसंपर्क अधिकारी के.के. जोशी ने शुक्रवार को बताया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व नर्मदापुरम में बाघ एवं पेंगोलिन के अवैध शिकार और बाघ की हड्डियों व पेंगोलिन के स्केल की नेपाल के रास्ते चीन में अवैध तस्करी करने वाले गिरोह के विरुद्ध जुलाई 2015 में प्रकरण दर्ज किया गया था, जिसमें यांगचेन लाचुंगपा वांछित थी। प्रकरण की गंभीरता देखते हुए वन मुख्यालय ने इसे मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स को विवेचना के लिये सौंपा गया था। एसटीएसएफ ने एक संगठित एवं अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर 31 आरोपिताें को गिरफ्तार किया गया।

उन्हाेंने बताया कि यांगचेन लाचुंगपा अंतरराष्ट्रीय बाघ तस्करी गिरोह की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। जिसका नेटवर्क भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैला हुआ है। यांगचेन लाचुंगपा के गिरोह के कई देशों में फैले नेटवर्क को देखते हुए भारत सरकार के अनुरोध पर इंटरपोल के द्वारा यांगचेन लाचुंगपा विरुद्ध रेड नोटिस भी जारी किया गया है, जिससे उसे किसी भी देश में सबंधित कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा गिरफ्तार किया जा सके। यांगचेन लाचुंगपा मूल रूप से चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत की निवासी है एवं भारत में मुख्यतः दिल्ली एवं सिक्किम में रहती थी। यांगचेन को पहली बार सितम्बर 2017 में भी हिरासत में लेकर ट्रांजिट रिमांड के लिये पेश किया गया था, लेकिन न्यायालय से अंतरिम जमानत मिलने के बाद फरार हो गई थी।उसकी अग्रिम जमानत को मध्य प्रदेश के उच्च न्यायालय जबलपुर ने भी वर्ष 2019 में खारिज कर दिया था।

उन्‍होंने बताया कि अपराधी यांगचेन लाचुंगपा गिरफ्तारी से बचने लगातार एजेंसियों को चकमा दे रही थी, अंत में 2 दिसम्बर 2025 को उसे मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं केंद्र सरकार की वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो नई दिल्ली की संयुक्त टीम ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में कम तापमान के क्षेत्र में जाकर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर लाचुंग, मंगन (सिक्किम) से गिरफ्तार कर न्यायलय गंगटोक के समक्ष पेश कर मध्य प्रदेश शासन का ठोस पक्ष रखने के बाद ट्रांजिट वारंट 3 दिसम्बर 2025 को रात्रि में प्राप्त कर उसे मध्यप्रदेश लाया जा रहा है। इस कार्यवाही में सिक्किम पुलिस का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

यह देश का पहला मामला है जिसमें शिकारियों, कूरियर बिचौलिये और तस्करों सहित 31 व्यक्तियों के पूरे गिरोह को गिरफ्तार किया गया है। पूर्व में गिरफ्तार सभी आरोपियों को सजा भी मिल चुकी है। आरोपी यांगचेन को न्यायालय नर्मदापुरम में पेश कर रिमांड मांगा जायेगा, जिससे इस गंभीर प्रकरण में अग्रिम विवेचना की जा सके। इस सफलतापूर्वक कार्यवाही में शामिल एसटीएसएफ के दल को उत्कृष्ट कार्य के लिये पुरस्कृत किया जायेगा।

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(Udaipur Kiran) / उम्मेद सिंह रावत

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