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Friday, 30 October 2026
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धारा 118 के तहत 17 स्वीकृतियां प्रदान : जगत नेगी

तपोवन विधानसभा भवन।

धर्मशाला, 03 दिसंबर (Udaipur Kiran) । विधानसभा के शीत सत्र के छठे दिन प्रश्नकाल के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सदन में बताया कि ठियोग में धारा-118 में 17 स्वीकृतियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि 118 में अनुमति देने पर टीसीपी लागू रहता है, जबकि पंचायत में भी शक्तियां प्रदान की गई हैं, जोकि उचित कार्रवाई भी कर सकते हैं। कुछ अन्य नियम भी धारा-118 में जोड़े जाएंगे।

ठियोग के विधायक कुलदीप राठौड़ ने सदन में सवाल पूछा है। जिसमें उन्होंने होटल निर्माण, स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, सीएसआर फंड, प्राकृतिक संसाधनों को हो रहे नुकसान तथा लगातार लड़ाई झगड़े भी हो रहे हैं।

पटवारियों के जल्द भरे जाएंगे 345 पद

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि प्रदेश में पटवारियों के पद काफी खाली हैं, इसमें 345 पद जल्द ही भरे जाएंगे। जिसके लिए राज्य चयन आयोग को भेज दिए गए है, रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा। मंत्री ने कहा कि भूमि सुधार को लेकर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मात्र छह महीने व तीन महीने का समय निशानदेही के लिए रखा गया है। माह के अंतिम दो दिनों में भूमि इंतकाल सहित अन्य कार्यों को निपटाया जा रहा है। उन्होंने बताया सेटेलमेंट में 10 से 15 साल का समय लग रहा है। 2123 पटवारी के मुकाबले मात्र 628 ही पद भरे गए है। इसमें गड़बड़ करने वालो को जल्द हटाने सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी। बड़सर के विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने पटवार सर्कल में खाली पदों को लेकर सवाल उठाया।

निशुल्क यात्रा में 28 वर्ग निर्धारित : हर्षवर्धन चौहान

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि निशुल्क यात्रा के तहत 28 वर्ग निर्धारित हैं, जिसमें कई बार दुरपयोग हो रहा है। इसे देखते हुए हिम बस कार्ड को चलाने की व्यवस्था की गई। इसमें हिम परिवार में रेडीयो फ्रेक्वेंसी को भी जोड़ा जा रहा है। अब कार्ड व फ़ोटो भी एक व्यक्ति के होने पर उसे पूरी तरह से सुचारू रूप से चलाया जाएगा। योजना को एक जनवरी 2026 से लागू किया जाएगा। अब तक राज्य में 17 हजार कार्ड बन चुके हैं। हिम बस कार्ड की अनिवार्यता से दिव्यांगों को निशुल्क यात्रा की सुविधा में व्यवधान हो रहा है।

राज्य में 950 लोगों को मिले वन अधिकार

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा वन अधिकार अधिनियम-2006 एफआरए के तहत नजायज कब्जों को नियमित किए जाने का प्रावधान नहीं है। इसमें मात्र पुशतैनी घरों को वन भूमि जोकि 2005 से पहले से जीवन निर्वह कर रहा है, तो उसे आवेदन देना है। जिसमें दो बुजुर्ग गवाही देंगे, मौके का राजस्व अधिकारियों का दौरा किया जाएगा। इसके आधार पर वन अधिकार समितियों को 18 साल के ऊपर लोग शामिल होने पर सहमति मिलने पर प्रदान की जाएगी। इसमें जनजातीय क्षेत्र में 800 व अन्य क्षेत्रों में 150 के करीब अधिकार जारी किए गए हैं।

(Udaipur Kiran) / सतेंद्र धलारिया

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