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Sunday, 1 November 2026
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आर जी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर-सीनियर टकराव, रैगिंग के आरोपों से बढ़ा तनाव

आर जी कर मेडिकल कॉलेज

कोलकाता, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) । आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। कॉलेज के एक हॉस्टल से मंगलवार को रैगिंग से जुड़े गंभीर आरोप सामने आने के बाद परिसर में दोबारा तनाव और चिंता का माहौल बन गया है।

कॉलेज सूत्रों के अनुसार, प्रथम वर्ष के छात्रों ने अपने सीनियर छात्रों पर तथाकथित “इंट्रोडक्शन” के नाम पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। कॉलेज प्रशासन ने इन शिकायतों पर संज्ञान लिया है और पूरे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

ये आरोप ऐसे समय पर सामने आए हैं, जब आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज पहले से ही 2024 में परिसर के भीतर एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ हुई दुष्कर्म और हत्या की जघन्य घटना को लेकर सार्वजनिक और संस्थागत जांच के दायरे में है। इस घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया था। मामले में सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को दोषी ठहराते हुए अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

ताजा आरोप मनिकतला हॉस्टल से सामने आई हैं, जो आधिकारिक तौर पर केवल प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए निर्धारित है। हॉस्टल के नियमों के अनुसार यहां केवल नए छात्रों को रहने की अनुमति है, लेकिन आरोप है कि कई द्वितीय वर्ष के छात्र भी वहां रह रहे थे। इससे नियमों के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

आरोपों के मुताबिक, प्रथम वर्ष के छात्रों को कई तरीकों से डराया-धमकाया और अपमानित किया गया। कुछ छात्रों का आरोप है कि तथाकथित इंट्रोडक्शन सेशन के दौरान उनके साथ मौखिक दुर्व्यवहार किया गया, जबकि कुछ ने शारीरिक हमला करने की कोशिश का भी दावा किया है।

मिली जानकारी के अनुसार, जब जूनियर छात्रों ने इस मामले की शिकायत प्रशासन से की, तो हालात और बिगड़ गए और आरोपित सीनियर छात्रों ने कथित तौर पर शिकायतकर्ताओं पर हमला किया।

सूत्रों के अनुसार, कॉलेज प्रशासन ने शिकायतों में नामजद द्वितीय वर्ष के छात्रों को तलब कर उन्हें चेतावनी दी। इसके बावजूद स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। बाद में प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों के बीच एक सार्वजनिक सड़क पर फिर से झड़प हुई, जहां जूनियर छात्रों को नई धमकियां दिए जाने का आरोप है। इसके बाद पीड़ित छात्रों ने पूरे घटनाक्रम का विवरण देते हुए प्रशासन के पास एक विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी।

इस रिपोर्ट के दाखिल किए जाने तक कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, संस्थान के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि मामला सक्रिय रूप से विचाराधीन है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन आरोपों की जांच कर रहा है और यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे कि कॉलेज में डराने-धमकाने या उत्पीड़न की कोई संस्कृति पनपने न पाए।

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(Udaipur Kiran) / धनंजय पाण्डेय

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