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Friday, 30 October 2026
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कांगड़ा वैली कार्निवाल मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और स्पष्ट विजन का प्रत्यक्ष उदाहरण : केवल सिंह पठानिया

उपमुख्य सचेतक केवल पठानिया पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए।

धर्मशाला, 30 दिसंबर (Udaipur Kiran) । हिमाचल प्रदेश विधानसभा के उपदृमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कांगड़ा वैली कार्निवाल 2025 के सफल आयोजन प्रदेश में नए व्यवस्था परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा वैली कार्निवाल केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यटन संवर्धन और युवाओं की सकारात्मक भागीदारी का व्यापक मंच बनकर उभरा है।

मंगलवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कांगड़ा वैली कार्निवाल जैसे भव्य, बहुआयामी और सामाजिक सरोकारों से जुड़े आयोजन मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के दूरदर्शी नेतृत्व और स्पष्ट विजन का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा नशा उन्मूलन के लिए ऐतिहासिक चिट्टा विरोधी रैलियां शिमला, हमीरपुर धर्मशाला और बिलासपुर में आयोजित की गईं, जिनका संदेश इस कार्निवाल के माध्यम से जनदृजन तक पहुंचाया गया।

कांगड़ा वैली कार्निवाल का आयोजन 24 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 तक हिमाचल प्रदेश के एक प्रमुख सांस्कृतिक, पर्यटन, खेल एवं सामाजिक जागरूकता उत्सव के रूप में किया गया। इस कार्निवाल की परिकल्पना कांगड़ा घाटी को राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने, स्थानीय परंपराओं को संजोने, युवा प्रतिभा को मंच देने, फिटनेस, कला, संगीत और चिट्टा मुक्त हिमाचल के संदेश को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से की गई।

उन्होंने कहा कि कार्निवाल का शुभारंभ भव्य शोभा यात्रा के साथ हुआ, जिसमें प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। विभिन्न पारंपरिक नृत्य दलों और सांस्कृतिक झांकियां देखने को मिलीं।

इसके अलावा रन फाॅर फन मैराथन में देश के 35 शहरों और दो अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों सहित बड़ी संख्या में धावकों ने भाग लिया। विभिन्न श्रेणियों में कुल 17 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, जबकि दो अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों को 1-1 लाख रुपये का विशेष पुरस्कार दिया गया।

इसके साथ ही साहित्य उत्सव के अंतर्गत चिट्टा मुक्त भारत अभियान पर आधारित मंच नाटक, पैनल चर्चा एवं कवि सम्मेलन आयोजित किए गए। इसके अलावा यंग शेफ प्रतियोगिता, दिव्यांग बाल प्रतियोगिता और युवा खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।

उन्होंने कहा कि कलाकारों, होटल व्यवसायियों और अन्य के साथ-साथ स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, रचनात्मकता और आजीविका संवर्धन पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही हस्तशिल्प, रंगोली, मेहंदी, नृत्य एवं गायन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

उन्होंने कहा कि कार्निवाल की सांस्कृतिक संध्याओं में प्रसिद्ध कलाकारों के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश के स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच मिला है। केवल सिंह पठानिया ने कहा कि कांगड़ा वैली कार्निवाल एक लैंडमार्क इवेंट के रूप में उभरा है। इससे न केवल पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा मिला है, बल्कि युवाओं की सहभागिता, सामाजिक जागरूकता, खेल विकास और कलात्मक अभिव्यक्ति को भी नई दिशा मिली है।

इस आयोजन ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने, पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और हिमाचल प्रदेश के एक जीवंत सांस्कृतिक एवं पर्यटन गंतव्य के रूप में कांगड़ा की पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

(Udaipur Kiran) / सतेंद्र धलारिया

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