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Wednesday, 28 October 2026
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हमास के बंधक रहे नेपाली नागरिक विपिन जोशी का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

विपीन जोशी का अंतिम संस्कार

– इजराइल के राजदूत अंतिम संस्कार में शामिल हुए, इजराइली राष्ट्रपति का शोक संदेश पढ़ा गया

काठमांडू, 21 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । इजराइल पर हमले के दौरान हमास के हाथों बंधक बनाए जाने के बाद मारे गए 23 वर्षीय विपिन जोशी के पार्थिव शरीर का मंगलवार को महाकाली नदी के तट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सैकड़ों स्थानीय लोग अंतिम सम्मान देने के लिए इकट्ठा हुए। अंतिम संस्कार से पहले सशस्त्र पुलिस बल के एक दल ने औपचारिक सलामी दी और कंचनपुर के मुख्य जिला अधिकारी लक्ष्मण धाकल ने सम्मान के प्रतीक के रूप में ताबूत पर राष्ट्रीय ध्वज लपेटा।

जोशी के पिता महानंद जोशी और उनके चचेरे भाई किशोर जोशी ने अंतिम संस्कार में मुखाग्नि दी। नेपाल में इजराइल के राजदूत शमुलिक एरी बास, दो अन्य इजराइली प्रतिनिधियों के साथ नदी के किनारे अंतिम संस्कार में शामिल हुए। सम्मान के संकेत के रूप में इजराइली ध्वज भी जोशी के शरीर पर रखा गया और इजराइली राष्ट्रपति का एक शोक संदेश पढ़ा गया।

सुदुरपाशिम विश्वविद्यालय के छात्र विपिन जोशी ‘अर्न एंड लर्न’ कार्यक्रम के तहत इज़राइल गए थे। वह सेडोट नेगेव क्षेत्र में काम करने वाले 49 नेपाली छात्रों में से एक थे, जब हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को हमला किया था। प्रारंभिक हमले में दस नेपाली मारे गए थे। जोशी उन लोगों में से थे, जिन्हें बंदी बना लिया गया था। लगभग दो वर्षों के बाद इजराइली अधिकारियों ने हमास के साथ संघर्ष विराम के बाद बंधक समझौते के दौरान जोशी की मौत की पुष्टि की। बाद में उनका शव इज़राइल को सौंप दिया गया। सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को काठमांडू के त्रिभुवन अंतराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाया गया, जहां प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने श्रद्धांजलि दी। नेपाल सेना के हेलीकॉप्टर से विपिन जोशी के शव को उनके गृहनगर ले जाया, जहां आज पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

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(Udaipur Kiran) / पंकज दास

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