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Friday, 30 October 2026
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मप्र हाईकोर्ट ने दमोह के पैर धुलवाने वाले मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ एनएसए लगाने कहा

मप्र हाईकोर्ट ने दमोह के पैर धुलवाने वाले मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपियों के खिलाफ एनएसए लगाने कहा

जबलपुर, 14 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । मध्‍य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार को दमोह में ओबीसी युवक के पैर धुलवाकर पानी पिलाने का वीडियो वायरल करने को लेकर स्वत: संज्ञान लिया है। जबलपुर हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए यह भी कहा है कि जातीय भेदभाव व मानवता की गरिमा का बड़ा उल्लंघन हुआ है। कोर्ट ने कहा कि दमोह जिला प्रशासन व पुलिस द्वारा आरोपियों पर NSA की कार्यवाही की जाए।

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव सचदेवा की कोर्ट ने दमोह पुलिस और जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही की जाए। जातीय भेदभाव और मानवीकरण के साथ छेड़छाड़ गंभीर मामला है। इसलिए इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जातीय पहचान प्रदर्शित करने से हिंदुओं का आंतरिक सौहार्द खतरे में है।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों दमोह में एक युवक ने एक दूसरे युवक का एक वीडियो बनाया था जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके लड़के के गले में जूते की माला दिखाई थी। वीडियो में जिस युवक के गले में जूते की माला दिखाई गई थी, वह ब्राह्मण समाज का था। इस घटना के बाद ब्राह्मण समाज ने एक पंचायत बुलाई। जिसमें ब्राह्मण समाज के लोगों ने युवक से माफी मंगवाई। जिस युवक का वीडियो बनाया था उसके पैर धुलवाए। और उसे वही पानी पिलाया गया। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले पर 15 अक्टूबर को अब अगली सुनवाई होगी।

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(Udaipur Kiran) / विलोक पाठक

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