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Wednesday, 28 October 2026
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मंदसौर : पुरानी चुनावी रंजिश के चलते बेटे के सामने पिता की हत्या

पुरानी चुनावी रंजिश के चलते बेटे के सामने पिता की हत्या

मंदसौर, 19 दिसंबर (Udaipur Kiran) । मध्‍य प्रदेश के मंदसौर जिले में सरपंच चुनाव की पुरानी रंजिश के चलते दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। चाकू और लाठियों से हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल है। परिजन ने शुक्रवार को सड़क पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया है। घटना भावगढ़ थाना क्षेत्र के मऊखेड़ी गांव की है।

पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात दूध देने जा रहे युवक अजय राय सिंह (20) को गांव के ही चार लोगों ने रास्ते में रोककर डराया-धमकाया। आरोप है कि दो हमलावरों के पास 12 बोर की बंदूक भी थी। घटना की जानकारी मिलने पर अजय के पिता भानेंद्र सिंह (40) आरोपितों से बात करने उनके खेत पर पहुंचे, जहां विवाद बढ़ गया और एक मृत्यु हो गई। घटना के बाद शुक्रवार को भावगढ़ फंटे पर शव रखकर परिजनों ने मांग कि आरोपितों के अवैध अतिक्रमण हटाए जाएं। उनके बंदूक लाइसेंस निरस्त किए जाएं। अधिकारी परिजनों को समझाने में जुटे रहें कुछ घंटों के बाद जाम खुल गया।

पुलिस ने बताया कि बातचीत के दौरान एक आरोपी ने अचानक भानेंद्र सिंह के पेट में चाकू घोंप दिया। इसके बाद अजय पर भी चाकू और लाठियों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल भानेंद्र को परिजन अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। हमले में अजय की पसली में चाकू लगा है। उसके सिर में चार टांके आए हैं। उसे जिला अस्पताल मंदसौर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना के दौरान भानेंद्र के छोटे भाई के साथ भी लाठियों से मारपीट किए जाने की बात सामने आई है। परिजनों का आरोप है कि चाकूबाजी के बाद हमलावरों ने 12 बोर की बंदूक से हवाई फायरिंग भी की।

पुलिस जांच में सामने आया है कि विवाद की वजह ग्राम पंचायत सरपंच चुनाव की रंजिश थी। आरोपियों में शामिल एक व्यक्ति सरपंच का चुनाव 17 वोटों से हार गया था। भानेंद्र सिंह ने उसके प्रतिद्वंद्वी का समर्थन किया था, इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से तनाव था।

चार आरोपियों पर केस, तलाश जारी

एसडीओपी कीर्ति बघेल ने बताया कि मामले में चार आरोपितों शैलेन्द्र सिंह, देवेंद्र सिंह, महेंद्रपाल सिंह और मोर सिंह के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित कर दी गई हैं। 2022 में शैलेन्द्र सिंह ने सरपंच का चुनाव लड़ा था, जिसमें वह योगेंद्र सिंह से 17 वोटों से हार गया। भानेंद्र सिंह ने चुनाव में योगेंद्र सिंह का समर्थन किया था, जिसके चलते शैलेन्द्र सिंह और अन्य आरोपितों ने लंबे समय से रंजिश रखी। मृतक के चचेरे भाई विश्वराज सिंह ने बताया कि चुनाव हारने के बाद से शैलेन्द्र सिंह दुश्मनी रखे हुए था और इसी कारण उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह वारदात अंजाम दी।

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(Udaipur Kiran) / अशोक झलोया

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