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Friday, 30 October 2026
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दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती में गड़बड़ी मामले में आरोपित महबूब आलम को कोर्ट में पेशी से स्थायी छूट की अनुमति

नई दिल्ली, 26 सितंबर (Udaipur Kiran News) । दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती में गड़बड़ियों के मामले में आरोपित महबूब आलम को कोर्ट में पेशी से स्थायी छूट की अनुमति दे दी है। स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने कहा कि आरोपित महबूब आलम को इस बात का अंडरटेकिंग देना होगा कि वो गवाहों की पहचान पर कोई विवाद नहीं करेगा। इसके अलावा जब कोर्ट बुलाएगी तब वो पेश होगा। मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। इस मामले में आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान समेत 11 आरोपित हैं।

आज सुनवाई के दौरान आरोपितों की ओर से अभियोजन पक्ष के एक गवाह अमजद टाक का क्रास-एग्जामिनेशन किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी महबूब आलम की ओर से पेश वकील ने कहा कि आरोपित वरिष्ठ नागरिक है और उसकी मांसपेशियां कमजोर हो चुकी हैं। उसके पीठ में दर्ज रहता है जिसका इलाज चल रहा है। इसके अलावा उसकी कुछ व्यावसायिक बाध्यताएं भी हैं। इसलिए उसे कोर्ट में पेशी से स्थायी छूट दी जाए।

कोर्ट ने 28 जुलाई को अमानतुल्लाह खान समेत 11 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय कर दिया था। कोर्ट ने जिन आरोपितों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था उनमें दिल्ली वक्फ बोर्ड के तत्कालीन सीईओ महबूब आलम, हामिद अख्तर, किफायतुल्लाह खान, रफीऊशान खान, इमरान अली, मोहम्मद अबरार, आकिब जावेद, अजहर खान, जाकिर खान और अब्दुल मन्नर शामिल हैं। कोर्ट ने 1 मार्च 2023 को सभी आरोपितों को जमानत दी थी। 3 नवंबर 2022 को कोर्ट ने आरोपितों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। कोर्ट ने इन आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी, और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2), 13((1)(डी) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।

इस मामले में 23 नवंबर 2016 को एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के बाद सीबीआई ने 21 अगस्त 2022 को चार्जशीट दाखिल किया था। सीबीआई के मुताबिक दिल्ली वक्फ बोर्ड के सीईओ और संविदा पर दूसरी नियुक्तियों में गड़बड़ियां की गई। चार्जशीट में कहा गया है कि इन नियुक्तियों के लिए अमानतुल्लाह खान ने महबूब आलम और दूसरे आरोपितों के साथ साजिश रची जिन्हें वक्फ बोर्ड में विभिन्न पदों पर नियुक्त किया गया था। चार्जशीट के मुताबिक इन नियुक्तियों में मनमानी की गई और अमानतुल्लाह खान और महबूब आलम ने अपने पद का दुरुपयोग किया।

दिल्ली वक्फ बोर्ड के मामले में सीबीआई के बाद ईडी ने भी मनी लांड्रिंग कानून के तहत मामला दर्ज किया है। कोर्ट ईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान ले चुकी है। ईडी ने 9 जनवरी 2024 को चार्जशीट दाखिल किया था। करीब पांच हजार पेजों के चार्जशीट ने ईडी ने जिन लोगों को आरोपित बनाया है, उनमें जावेद इमाम सिद्दीकी, दाऊद नासिर, कौसर इमाम सिद्दीकी और जीशान हैदर शामिल है। ईडी ने पार्टनरशिप फर्म स्काई पावर को भी आरोपित बनाया है।

ईडी के मुताबिक ये मामला 13 करोड़ 40 लाख रुपये की जमीन की बिक्री से जुड़ा हुआ है। ईडी के मुताबिक आआपा विधायक अमानतुल्लाह खान के अज्ञात स्रोतों से अर्जित संपत्ति से जमीनें खरीदी और बेची गई। आरोपित कौसर इमाम सिद्दीकी की डायरी में 8 करोड़ रुपये की एंट्री की गई। जावेद इमाम को ये संपत्ति सेल डीड के जरिए मिली। जावेद इमाम ने ये संपत्ति 13 करोड़ 40 लाख में बेची। जीशान हैदर ने इसके लिए जावेद को नकद राशि दी। इस मामले में ईडी ने समन को नजरअंदाज करने के मामले में अमानतुल्लाह खान के खिलाफ शिकायत दर्ज की है।

(Udaipur Kiran) /संजय

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(Udaipur Kiran) / प्रभात मिश्रा

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