मुंबई, विदर्भ, कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र में भारी बारिश का अलर्ट, नदियां उफान पर—प्रशासन ने जारी किए सुरक्षा निर्देश
मुंबई, 17 अगस्त (Kiran News) . भारतीय मौसम विभाग ने रविवार को मुंबई, विदर्भ, कोंकण और पश्चिमी महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई है। रायगढ़ और रत्नागिरी जिलों में नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिस कारण प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। मुंबई और उपनगरों में कल रात से लगातार तेज बारिश हो रही है, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई है। नगर निगमकर्मी जलनिकासी का काम लगातार कर रहे हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, मुंबई के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने 21 अगस्त तक राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। खासकर कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश के आसार हैं। बिजली गिरने और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। रायगढ़ जिले में अंबा नदी और रत्नागिरी जिले में कुंडलिका, जगबुड़ी व कोडावली नदियां चेतावनी के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रशासन ने इन क्षेत्रों के लोगों को सतर्क रहने और बाढ़ की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।
वाशिम जिले में लगातार तीसरे दिन बारिश जारी है, जिससे नदियों और नालों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कोंडाला झामरे क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ में 40 जानवर बह गए, जिनमें से 10-15 जानवर मिल चुके हैं जबकि बाकी अभी भी लापता हैं। यवतमाल जिले में लगातार बारिश के कारण ईसापुर बांध में पानी का दबाव बढ़ गया है, जिससे बांध के 9 गेट 50 सेंटीमीटर तक खोल दिए गए हैं। पैनगंगा नदी पर बने पुल पर पानी भर जाने से पुसद-हिंगोली राज्य मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। जलगांव के धरणगांव में लगातार दूसरी बार बाढ़ आ गई है, जिससे इलाके का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के चलते नालों का पानी दुकानों और घरों में घुस गया है।
कोंकण तट पर 17 से 20 अगस्त के बीच 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और समुद्र में उथल-पुथल बनी रहेगी। मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने सचेत ऐप के जरिए नागरिकों को लगातार अलर्ट संदेश भेजे हैं और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल व राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।



