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Thursday, 29 October 2026
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इंडिगो की अव्यवस्था से देशभर में आक्रोश, खंडेलवाल ने तत्काल कार्रवाई करने और फंसे यात्रियों को मुआवजे देने की मांग की

सांसद प्रवीण खंडेलवाल का फाइल फोटो

नई दिल्‍ली, 05 दिसंबर (Udaipur Kiran) । देश की सबसे बड़ी एयरलाइंस इंडिगो की भारी अव्यवस्था ने पूरे देश में तीव्र आक्रोश पैदा कर दिया है। देशभर के अधिकांश हवाई अड्डों पर हजारों यात्रियों को इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से अपमानजनक, तनावपूर्ण और अत्यंत अव्यवस्थित परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन, घंटों की देरी और यात्री प्रबंधन की पूरी तरह नाकामी से जनता में गहरा रोष और तीखी आलोचना देखने को मिली है।

चांदनी चौक के सांसद एवं कारोबारी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने शुक्रवार को कहा कि कैट द्वारा दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से सैकड़ों व्यापारी नेता शामिल होने वाले थे, लेकिन इंडिगो की भारी परिचालन विफलता के कारण लगभग हर व्यापारी नेता घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे। उन्होंने कहा, “सम्मेलन आयोजित करने का पूरा उद्देश्य ही विफल हो गया।”

खंडेलवाल ने आगे कहा कि यह कोई एक-दो घटनाएं नहीं हैं, बीते दो दिनों में हजारों यात्री मानसिक रूप से परेशान हुए हैं। यात्रियों ने पूर्ण कुप्रबंधन की शिकायत की है। एयरलाइन के स्टाफ की ओर से कोई जानकारी नहीं, कोई सहायता नहीं, बुनियादी सुविधाओं का अभाव और बिल्कुल भी जवाबदेही नहीं। बच्चों वाले परिवार, व्यापारी, वरिष्ठ नागरिक, मरीज और पेशेवर लोग घंटों फंसे रहे, जिसे लेकर उन्हें गंभीर मानसिक तनाव, शारीरिक कष्ट और महत्वपूर्ण बैठकों, फ्लाइटों व अन्य प्रतिबद्धताओं के छूट जाने से काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।

सांसद खंडेलवाल ने इस संकट पर कड़ा रुख अपनाते हुए संज्ञान लिया है और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री को पत्र लिखकर तत्‍काल कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने अपने पत्र में निम्नलिखित मांगें की हैं:-

-इंडिगो की व्यापक विफलता की समग्र जांच

-सभी प्रभावित यात्रियों के लिए अनिवार्य मुआवज़ा

-भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने हेतु सख्त नियामक उपाय

-सभी एयरलाइंस में यात्री अधिकारों का कड़ा प्रवर्तन

सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि इंडिगो का व्यवहार “यात्री अधिकारों का गंभीर उल्लंघन” है और संकट के दौरान एयरलाइन कंपनी का रवैया “उदासीन, असंवेदनशील और बिल्कुल अस्वीकार्य” रहा। उन्‍होंने कहा कि जनता की प्रतिक्रियाएं भी इन चिंताओं को मजबूती देती हैं। कैट महामंत्री ने कहा कि यह घटना हाल के वर्षों में सबसे खराब विमानन प्रबंधन विफलताओं में से एक मानी जा रही है, और सोशल मीडिया मंच एक्‍स पर फंसे यात्रियों के वीडियो और बयान बड़ी संख्या में वायरल हो रहे हैं।

खंडेलवाल ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से त्वरित और निर्णायक हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि जनता का भरोसा पुनः स्थापित हो, जवाबदेही तय हो, और इंडिगो की विफलता से पीड़ित हज़ारों लोगों को न्याय मिल सके। खंडेलवाल ने स्पष्ट किया, “यह केवल एयरलाइन की समस्या नहीं, यह जनता के अधिकारों का मुद्दा है।”

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(Udaipur Kiran) / प्रजेश शंकर

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