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Friday, 30 October 2026
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नौसेना को मिला नया पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘अंजदीप’

चेन्नई बंदरगाह पर नौसेना को सौंपा गया युद्धपोत ‘अंजदीप’।

कोलकाता/चेन्नई, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड ने भारतीय नौसेना को वर्ष 2025 का अपना पांचवां युद्धपोत सौंपकर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। पनडुब्बी रोधी युद्ध के लिए तैयार उथले जलयान ‘अंजदीप’ को सोमवार को चेन्नई बंदरगाह पर औपचारिक रूप से नौसेना के हवाले किया गया। यह इस श्रेणी के आठ पोतों में तीसरा जलयान है, जिनका निर्माण जीआरएसई कर रहा है।

‘अंजदीप’ जीआरएसई द्वारा निर्मित 115वां युद्धपोत और भारतीय नौसेना को सौंपा गया 77वां युद्धपोत है। इसे पूर्वी नौसेना कमान के मुख्य स्टाफ अधिकारी (तकनीकी) रियर एडमिरल गौतम मारवाहा, विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित ने स्वीकार किया।

इससे पहले वर्ष 2025 में जीआरएसई ने उन्नत निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट ‘हिमगिरि’, दो पनडुब्बी रोधी उथले जलयान ‘अर्नाला’ और ‘अंद्रोथ’, तथा विशाल सर्वेक्षण पोत ‘इक्षक’ नौसेना को सौंपे थे, जिन्हें बाद में सेवा में शामिल कर लिया गया। ‘अंजदीप’ आत्मनिर्भर भारत अभियान का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें जीआरएसई द्वारा निर्मित स्वदेशी 30 मिलीमीटर नौसैनिक सतह तोप लगाई गई है तथा लगभग 88 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह युद्धपोत तटीय क्षेत्रों में पनडुब्बी रोधी निगरानी, खोज और आक्रमण अभियानों में सक्षम है। इसमें युद्ध प्रबंधन प्रणाली लगी है और यह हल्के टॉरपीडो व पनडुब्बी रोधी रॉकेटों से लैस है। इस श्रेणी के पोतों में सात अधिकारियों सहित कुल 57 कर्मियों के रहने की व्यवस्था है। सिर्फ 2.7 मीटर जलमग्नता और जल-जेट प्रणोदन प्रणाली के कारण ‘अंजदीप’ उथले समुद्री क्षेत्रों में अत्यंत फुर्ती और कुशलता से संचालन कर सकता है। वर्तमान में जीआरएसई कई अन्य युद्धपोतों और पोत निर्माण परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है, जिससे देश की समुद्री सुरक्षा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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(Udaipur Kiran) / अभिमन्यु गुप्ता

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