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Saturday, 31 October 2026
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नौसेना को मिला तीसरा एंटी सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’

एंटी सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट 'अंजदीप' के साथ अधिकारी

– एंटी-सबमरीन, तटीय निगरानी और माइन बिछाने की क्षमता मजबूत होगी

नई दिल्ली, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित एंटी सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ सोमवार को चेन्नई में भारतीय नौसेना के हवाले कर दिया गया। कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) में बनाये जा रहे आठ पोतों में से यह तीसरा है। यह जहाज नौसेना की एंटी-सबमरीन, तटीय निगरानी और माइन बिछाने की क्षमताओं को मजबूत करेगा।

एंटी सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी) जहाजों को इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के अनुसार डिजाइन और बनाया गया है। इसका निर्माण जीआरएसई और कट्टुपल्ली के लार्सन एंड टुब्रो शिपयार्ड की सरकारी निजी कंपनी भागीदारी के तहत किया गया है। इससे मिलकर डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग की सफलता का पता चलता है। लगभग लगभग 77 मीटर लंबे ये जहाज वॉटरजेट से चलने वाले सबसे बड़े भारतीय नौसेना के युद्धपोत हैं। इसमें पानी के नीचे की निगरानी के लिए अत्याधुनिक सोनार और हल्के टॉरपीडो लगे हैं और यह 25 नॉट्स तक की गति प्राप्त कर सकता है।

नौसेना के मुताबिक यह जहाज पहले के आईएनएस अंजादीप का नया रूप है, जो 2003 में सेवानिवृत्त किया गया एक पेट्या क्लास कार्वेट था। इस जहाज का नाम कर्नाटक के कारवार तट पर मौजूद अंजादीप आइलैंड के नाम पर रखा गया है, जो भारत के अपने बड़े समुद्री इलाके की सुरक्षा प्रतिबद्धता को दिखाता है। अंजादीप की आपूर्ति भारतीय नौसेना की स्वदेशी जहाज बनाने की कोशिश में एक और मील का पत्थर है। इसे 80 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी सामान के साथ सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के तहत बनाया गया है। यह जहाज बढ़ते घरेलू रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और निर्यात पर निर्भरता कम करने का सबूत है।

एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ भारतीय नौसेना के लिए बनाया गया तीसरा स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्धपोत है, जिसे तटीय जल में पनडुब्बियों का पता लगाने और उन पर हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह ‘अर्नाला’ श्रेणी का एक हिस्सा है, जो पुराने जहाजों को बदलेगा और आत्मनिर्भर भारत के तहत उन्नत हथियारों और सेंसर से लैस है। यह जहाज कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों, माइन बिछाने और खोज-बचाव कार्यों में भी सक्षम है। इसका डीजल इंजन वाटर जेट प्रोपल्शन, उच्च गति और गतिशीलता प्रदान करता है।———–

(Udaipur Kiran) / सुनीत निगम

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