
धर्मशाला, 04 दिसंबर (Udaipur Kiran) . धर्मशाला के तपोवन में चल रहे विधानसभा के शीत सत्र में कभी विपक्ष तो कभी सत्तापक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन का दौर वीरवार को सातवें दिन भी जारी रहा. वीरवार को एक बार फिर सत्र शुरू होने से पूर्व विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. विधानसभा शीतकालीन सत्र के सातवें दिन सत्र शुरू होने से पहले सुबह हाथों में बैनर लेकर भाजपा विधायकों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. जश्न मनाना बंद करो, राहत का प्रबंध करो और धारा 118 खेल है, हिमाचल का सेल है, जैसे नारे लगाते हुए विपक्ष के विधायक विपक्ष लॉन्ज से निकले और विधानसभा परिसर में जमकर नारेबाजी की.
बाद में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार के तीन साल के कार्यकाल और उसके जश्न के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है. जयराम ठाकुर ने कहा कि हद तो इस बात की है कि सरकार द्वारा जश्न भी उस जिला में मनाया जा रहा है जहां सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है.
उन्होंने आरोप लगाया कि 3 साल के कार्यकाल में हिमाचल सरकार के निर्णयों से प्रदेश को बड़ा नुकसान हुआ है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि धर्मशाला सहित पूरा प्रदेश यह सवाल उठा रहा है कि 30 करोड़ जो केंद्रीय विश्वविद्यालय के जमा करवाने थे उसका क्या हुआ.
पर्यटन विलेज के नाम पर कृषि विश्वविद्यालय की भूमि को क्यों बेचा जा रहा है.
उन्होंने कहा की धारा 118 के तहत जो बिल लाया जा रहा है उसके पीछे सरकार का क्या एजेंडा है. सरकार ऐसा कर हिमाचल को बेचने का प्रयास कर रही है जिसका भाजपा विरोध करती है. जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो गारंटियां दी थी उनमें 3 साल में एक भी गारंटी पूरी नहीं हो पा रही है. अब सभी वर्ग कांग्रेस सरकार की उखाड़ फेंकने की बात कर रहे हैं.
अनुमति के बावजूद विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज निंदनीय
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी परिषद ने जो प्रदर्शन किया उसके लिए बाकायदा उन्होंने परमिशन ली थी. यह अनुमति टैक्सी स्टैंड से जोरावर स्टेडियम तक की थी लेकिन उसके बावजूद उन्हें रोक कर उनके ऊपर लाठी चार्ज किया जो निंदनीय है. इस विरोध में भी भाजपा विधायकों ने प्रदर्शन किया है.
(Udaipur Kiran) / सतेंद्र धलारिया
