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Wednesday, 28 October 2026
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मनरेगा खत्म कर नया ग्रामीण रोजगार कानून लाने की तैयारी को विपक्ष ने बताया गरीब-विरोधी साजिश

मनरेगा

नई दिल्ली, 15 दिसंबर (Udaipur Kiran) । केंद्र सरकार की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) को समाप्त कर नया ग्रामीण रोजगार कानून लाने की तैयारी को जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस योजना को खत्म करने की साजिश बताया वहीं पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इसे राष्ट्रीय चेतना का अपमान बताया। इसके अलावा इस योजना के नाम बदले जाने का शिवसेना सांसद प्रिंयका चतुर्वेदी, टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन समेत तमाम नेताओं ने विरोध किया। इस पर केंद्रीय शिक्षा और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने इस योजना का बचाव करते हुए कहा कि नाम बदलने से किसी भी योजना पर बहुत प्रभाव पड़ता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश आगे जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि यह केवल मनरेगा का नाम बदलने का मामला नहीं है, बल्कि भाजपा इस योजना को खत्म करने की साजिश कर रही है। जो सरकार गरीबों के अधिकारों से चिढ़ती है, वही मनरेगा पर हमला कर रही है। गरीब और मजदूर विरोधी किसी भी फैसले का कांग्रेस संसद और सड़क दोनों जगह पुरजोर विरोध करेगी।

विपक्ष के आरोपों पर केंद्रीय शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि नाम से योजनाओं पर प्रभाव पड़ता है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर सरकार फैसले ले रही है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि गांधीजी की विचारधारा को मिटाने की कोशिश की जा रही है। सरकार वित्तीय संकट दूर करने के बजाय योजना का नाम बदलने पर उतारू है। महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रीय चेतना का अपमान है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने संसद भवन परिसर में कहा कि यह बेहद अजीब स्थिति है। उन्होंने आरोप लगाया कि नियमों और प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए सरकार ने पहले बिल लाने की घोषणा की और फिर उसे पेश नहीं किया। जब भी यह बिल सदन में आएगा, कांग्रेस अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे ध्यान भटकाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जनता असली और नकली इतिहास में फर्क समझती है।

टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि केंद्र सरकार इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटा रही है। यह गांधीजी का अपमान है। लेकिन क्या आपको हैरानी हुई? ये वही लोग हैं जिन्होंने महात्मा गांधी को मारने वाले आदमी की पूजा की थी। वे गांधीजी का अपमान करना चाहते हैं। हम ऐसा कभी नहीं होने देंगे।

टीएमसी के आधिकारिक एक्स अकाउंट पर इस योजना को लेकर कहा गया कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल में पहले गरीब मजदूरों को इस योजना के तहत मिलने वाले 52,000 करोड़ रुपए रोक दिए और अब इस योजना को ही खत्म कर दिया। यह जवाबदेही से बचने की कोशिश है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार मनरेगा की जगह नया ग्रामीण रोजगार कानून लाने की तैयारी कर रही है। इसे मौजूदा शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया गया है। प्रस्तावित बिल का नाम विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) बिल, 2025 रखा गया है। सरकार का कहना है कि नया कानून विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप ग्रामीण विकास का नया ढांचा तैयार करेगा। इसमें रोजगार के दिनों की संख्या 100 से बढ़ाकर 125 दिन करने का प्रावधान किया गया है।

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(Udaipur Kiran) / प्रशांत शेखर

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