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Wednesday, 28 October 2026
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नीति आयोग के ‘नीति फॉर स्टेट केस चैलेंज’ में पलवल जिला सम्मानित

जिला प्रशासन जिला के आकांक्षी खंड हथीन को हर क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए कृतसंकल्प : उपायुक्त

पलवल, 14 दिसंबर (Udaipur Kiran) । केंद्र सरकार के नीति आयोग द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित ‘नीति फॉर स्टेट केस चैलेंज’ में हरियाणा के पलवल जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जिले को यह सम्मान आकांक्षी ब्लॉक हथीन में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचारी और प्रभावी कार्यों के लिए प्रदान किया गया है। इस उपलब्धि के लिए उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ को नीति आयोग की ओर से एक लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया है।

उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ ने रविवार को कहा कि यह सम्मान न केवल पलवल जिले बल्कि पूरे हरियाणा के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रभावी नेतृत्व, सही रणनीति और डेटा आधारित निर्णयों का परिणाम है। जिला प्रशासन आकांक्षी ब्लॉक हथीन को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और बुनियादी ढांचे सहित हर क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए कृतसंकल्प है।

‘नीति फॉर स्टेट केस चैलेंज’ का उद्देश्य आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों में जिलाधिकारियों व कलेक्टरों को जमीनी स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए नवाचार आधारित और डेटा समर्थित उपाय प्रस्तुत करने का मंच प्रदान करना है। यह प्रतियोगिता नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम (एडीपी) और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम (एबीपी) के अंतर्गत आयोजित की गई थी।

इस चुनौती के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण, कृषि, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और सामाजिक विकास सहित छह प्रमुख विषयों पर केस स्टडी आमंत्रित की गई थीं। पलवल जिले की केस स्टडी को हथीन ब्लॉक में स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, छात्रों की उपस्थिति सुधारने और समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने जैसे ठोस परिणामों के कारण विजेता घोषित किया गया।

इस बीच, नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय की निदेशक एवं आकांक्षी ब्लॉक हथीन की केंद्रीय प्रभारी अधिकारी डा. रचना तंवर ने हथीन ब्लॉक का दौरा कर विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, कौशल विकास और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर अधिकारियों के साथ बैठक की। डाॅ.तंवर ने निर्देश दिए कि सभी लक्ष्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों की स्थिति की समीक्षा करते हुए पोषण स्तर सुधारने और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।

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(Udaipur Kiran) / गुरुदत्त गर्ग

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