जयपुर, 19 अगस्त (Udaipur Kiran). अमावस्या तिथि हर माह कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन आती है. भाद्रपद मास की अमावस्या 22 अगस्त शुक्रवार को सुबह 11:57 बजे शुरू होकर 23 अगस्त Saturday को सुबह 11:37 बजे तक रहेगी.

पंडित श्रीकृष्ण शर्मा के अनुसार, 22 अगस्त को पिठौरी अमावस्या यानी पितृ कार्य अमावस्या मनाई जाएगी. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान, पितृ पूजन, तर्पण और श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. साथ ही, ब्राह्मण, गाय, कौवे और कुत्ते को भोजन कराने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं.
23 अगस्त को शनिचरी अमावस्या, देवकार्य अमावस्या और कुशाग्रहणी अमावस्या रहेगी. इस दिन पीपल और शनि देव की पूजा करने से कुंडली में शनि दोष दूर होता है. कुशाग्रहण करने से वह पूरे वर्ष धार्मिक कार्यों में काम आती है.
दोनों दिन अभिजीत मुहूर्त में, यानी दोपहर 12:01 से 12:52 तक पूजा करना शुभ रहेगा.