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Friday, 30 October 2026
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मुख्य सचिव से सेवानिवृत्ति के बाद प्रबोध सक्सेना बने हिमाचल बिजली बोर्ड के अध्यक्ष, तीन साल के लिए नियुक्ति

मुख्य सचिव सम्मान समारोह आयोजित

शिमला, 1 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । हिमाचल प्रदेश में मंगलवार देर शाम बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया। प्रदेश सरकार ने मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्रबोध सक्सेना (बैच 1990) को हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड का अध्यक्ष नियुक्त किया है। सक्सेना मंगलवार को ही छह माह का सेवा विस्तार पूरा करने के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। आदेश के अनुसार उन्हें तीन वर्ष की अवधि के लिए यह जिम्मेदारी दी गई है और उनका पद मुख्य सचिव के समकक्ष रैंक, दर्जे और जिम्मेदारियों वाला होगा। इस तरह मुख्य सचिव पद से विदाई के बाद उन्होंने बिजली बोर्ड में नई पारी शुरू कर दी है।

प्रबोध सक्सेना ने 2 जनवरी 2023 को हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव का पदभार ग्रहण किया था। वह 31 मार्च 2025 को रिटायर होने वाले थे, लेकिन सरकार ने उन्हें छह माह का सेवा विस्तार दिया था। अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव और सेवाओं को देखते हुए सरकार ने अब उन्हें सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद ही महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि वह मुख्यमंत्री के संपूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण और पर्यवेक्षण में कार्य करेंगे।

वहीं इस फेरबदल में 1988 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता को हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह इसके साथ ही रोपवेज़ एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन एचपी लिमिटेड के चेयरमैन-कम-मैनेजिंग डायरेक्टर का पद भी संभालते रहेंगे। आदेशों के तहत 1993 बैच के आईएएस कमलेश कुमार पंत को इस पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। हालांकि अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संजय गुप्ता मुख्य सचिव के पद के समकक्ष रैंक व जिम्मेदारियों के साथ काम करेंगे, लेकिन उन्हें मुख्य सचिव की नियुक्ति नहीं मिली है। इसका सीधा अर्थ है कि वरिष्ठतम होने के बावजूद अब संजय गुप्ता मुख्य सचिव की दौड़ से बाहर हो गए हैं।

प्रदेश सरकार के इस कदम के बाद अब सबकी निगाहें नए मुख्य सचिव की नियुक्ति पर टिकी हैं। जानकारी अनुसार 1993 बैच के आईएएस अधिकारी कमलेश कुमार पंत इस पद के सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरे हैं। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही प्रदेश के नए मुख्य सचिव के नाम की अधिसूचना जारी कर सकती है।

प्रदेश में यह परंपरा रही है कि वरिष्ठ नौकरशाहों को सेवानिवृत्ति के बाद भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाती हैं। पहले भी कई पूर्व मुख्य सचिव संवैधानिक संस्थाओं या अहम पदों पर तैनात किए जा चुके हैं। अब प्रबोध सक्सेना का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है। प्रबोध सक्सेना से पहले मुख्य सचिव रहे आरडी धीमान को सेवानिवृत्त के बाद राज्य सूचना आयुक्त लगाया गया था। वर्तमान में वह रेरा के अध्यक्ष हैं। इसी तरह मुख्य सचिव से सेवानिवृत्ति के अगले दिन पूर्व आईएएस अधिकारी श्रीकांत बाल्दी को रेरा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा

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