Skip to content
Thursday, 29 October 2026
BREAKING
HEADLINES

सुपरहैवी आइसोटोप एसजी-257 की खोज में रुड़की आईआईटी के प्रो. मैती की अहम भूमिका

सीबोर्गियम-257 (Sg-257) की खोज
सीबोर्गियम-257 (Sg-257) की खोज

हरिद्वार, 27 सितंबर (Udaipur Kiran News) । एक उल्लेखनीय वैश्विक वैज्ञानिक सफलता में एक नए अतिभारी समस्थानिक, सीबोर्गियम-257 (Sg-257) की खोज की गयी है, जिसने परमाणु भौतिकी एवं ब्रह्मांड की हमारी समझ की सीमाओं को और आगे बढ़ाया है। यह अग्रणी प्रयोग जर्मनी के डार्मस्टाट स्थित जीएसआई हेल्महोल्ट्ज़ सेंटर फॉर हैवी आयन रिसर्च में किया गया, जिसमें आईआईटी रुड़की के भौतिकी विभाग के प्रो. एम. मैती का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह कार्य प्रतिष्ठित जर्नल फिजिकल रिव्यू लेटर्स में प्रकाशित हुआ है।

अत्याधुनिक संसूचन तकनीकों का उपयोग करते हुए, टीम ने एसजी-257, एक ऐसा अतिभारी तत्व जो प्रकृति में नहीं पाया जाता, का सफलतापूर्वक संश्लेषण किया है। अंतरराष्ट्रीय शोध दल के सदस्य प्रो. एम. मैती ने कहा कि यह खोज परमाणु भौतिकी में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे हमें यह समझने में सहायता मिलती है कि कुछ तत्व लंबे समय तक क्यों जीवित रहते हैं और चरम स्थितियों में परमाणु बल कैसे व्यवहार करते हैं। उन्होंने बताया कि एसजी-257 जैसे अतिभारी तत्वों की अर्धायु अत्यंत कम होती है, जो अक्सर मिलीसेकंड तक ही जीवित रहते हैं।

आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा यह ऐतिहासिक खोज अत्याधुनिक परमाणु अनुसंधान में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। आईआईटी रुड़की को इस वैश्विक उपलब्धि का हिस्सा बनने पर गर्व है।

शोध वैज्ञानिकों की टीम में आईआईटी रुड़की के प्रो. एम. मैती, जर्मनी के जीएसआई हेल्महोल्ट्ज़ सेंटर, जोहान्स गुटेनबर्ग विश्वविद्यालय (जेजीयू मेंज़), जापान परमाणु ऊर्जा एजेंसी, फ़िनलैंड के जैवस्किला विश्वविद्यालय एवं अन्य सहयोगी संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल थे।

—————

(Udaipur Kiran) / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *