राजस्थान भू राजस्व संशोधन और विधिमान्यकरण विधेयक, 2025 विधानसभा से पारित
जयपुर, 10 सितंबर (Udaipur Kiran News)। राजस्थान विधानसभा में बुधवार को भू राजस्व (संशोधन और विधिमान्यकरण) विधेयक, 2025 पारित कर दिया गया। संशोधन विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि यह विधेयक प्रदेश के तेज औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से राजस्थान स्टेट इंडस्ट्रियल डवलपमेंट एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (रीको) के अधीन भूखंडों का प्रबंधन, विनिमय और भू-रूपांतरण जैसी प्रक्रियाएं अधिक सरल हो जाएंगी।
पटेल ने बताया कि इस संशोधन के जरिए राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 में बदलाव किया गया है। अब तक तथा आगे राज्य सरकार द्वारा रीको को प्रदत्त सभी भूखंड रीको के अधीन माने जाएंगे और कानूनी रूप से वैध समझे जाएंगे। संशोधन के बाद रीको अपने अधीन आने वाले भूखंडों का विनियमन करने में सक्षम होगा।
उन्होंने कहा कि रीको द्वारा प्रबंधित औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि के सभी अंतरण, उप-विभाजन, विलयन, नियमितीकरण, भू-उपयोग में परिवर्तन और विनिर्देश संबंधी कार्य भी विधिमान्य माने जाएंगे। इसके साथ ही रीको को औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, अभिन्यास योजनाओं की तैयारी व संशोधन, भूमि का व्ययन, अनुज्ञा और अनुमोदन देने तथा नियमों के अनुरूप विकास कार्यों के क्रियान्वयन की पूर्ण शक्तियां मिलेंगी।
पटेल ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन विधेयक 18 सितंबर 1979 या उससे पहले औद्योगिक उद्देश्यों के लिए आवंटित उन भूखंडों पर लागू नहीं होगा, जिनका पट्टा राज्य सरकार या रीको द्वारा विधेयक पारित होने की तारीख से पहले निरस्त किया जा चुका है।




