उच्च न्यायालय आदेश के बाद भी राजगंज बीडीओ नदारद, उच्चतम न्यायलय जाने की तैयारी

जलपाईगुड़ी, 24 दिसंबर (Udaipur Kiran) । कोलकाता उच्च न्यायालय द्वारा राजगंज के बीडीओ प्रशांत बर्मन की जमानत रद्द किए जाने के बाद 72 घंटे के भीतर आत्मसमर्पण का निर्देश दिया था, लेकिन बीडीओ अब तक सामने नहीं आए है। आदेश के दिन ही उन्होंने कार्यालय छोड़ दिया था और इसके बाद राजगंज स्थित कार्यालय में नहीं लौटे है।
हालांकि बीडीओ की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उनके वकीलों ने संकेत दिया है कि वह उच्च न्यायलय के आदेश को चुनौती देने के लिए उच्चतम न्यायलय जाने की तैयारी कर रहे है।
वकील अमित चक्रवर्ती ने बुधवार को फोन पर बताया कि इस दिशा में योजना बनाई जा रही है। उच्च न्यायालय में फिलहाल अवकाश चल रहा है, ऐसे में ई-फाइलिंग पर विचार किया जा सकता है।
इस बीच राज्य सरकार ने एहतियातन उच्च न्यायालय में कैवियट दाखिल कर दी है, ताकि बीडीओ की किसी भी याचिका पर सरकार का पक्ष सुने बिना सुनवाई न हो।
उल्लेखनीय है कि सोमवार को उच्च न्यायालय द्वा के 18 पन्नों के आदेश में कहा गया है कि बीडीओ ने अपने सरकारी पद का दुरुपयोग कर स्वर्ण व्यवसायी स्वपन कामिल्या के अपहरण और उत्पीड़न में सक्रिय भूमिका निभाई है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से आरोपों की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मारपीट से मौत की पुष्टि हुई है।
उच्च न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा पद के आधार पर राहत देने की कड़ी आलोचना करते हुए कहा था कि आरोपित की सक्रिय भूमिका को नजरअंदाज किया गया है।
अदालत के अनुसार, बीडीओ ने कानून को अपने हाथ में लेकर प्रशासनिक अनुशासन की जड़ पर चोट पहुंचाई है।
(Udaipur Kiran) / सचिन कुमार



