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Friday, 30 October 2026
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सिंधिया ने त्रिपुरा, मिजोरम के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक

बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया

नई दिल्ली, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को यहां त्रिपुरा और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को लेकर उच्चस्तरीय टास्क फोर्स की समीक्षा की गई।

सिंधिया ने एक्स पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक्ट ईस्ट, एक्ट फास्ट और एक्ट फर्स्ट’ विजन से पूर्वोत्तर राज्यों को दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए भारत का गेटवे बनाने का रोडमैप तैयार किया गया है। बैठक में मल्टीमॉडल और डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा, सिक्किम के प्रमुख अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

इससे पहले सिंधिया ने एक अखबार में प्रकाशित आलेख में पूर्वोत्तर भारत में हो रहे विकास के बारे में कहा कि अब तक करीब 4.48 ट्रिलियन रुपये निवेश पूर्वोत्तर क्षेत्र में होने का रास्ता साफ हुआ है, जो भारत की अर्थव्यवस्था की तुलना में कहीं तेजी से बढ़ रहा है। साल 2014 से 2025 तक प्रधानमंत्री के विजन ने न केवल शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की बल्कि पूर्वोत्तर को विकास का इंजन बनाने का रास्ता साफ किया है।

उन्होंने कहा कि पिछले 18 महीनों में पूर्वोत्तर की जीडीपी वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत रही है, जबकि भारत की वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही। उन्होंने कहा कि उन्होंने 19 महीनों में 21 बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है और हर महीने किसी न किसी राज्य में तीन से चार दिन बिताकर जमीनी स्तर पर काम की समीक्षा की है।

सिंधिया ने बताया कि मई में दिल्ली में आयोजित नॉर्थ-ईस्ट इन्वेस्टर समिट में करीब 4.48 ट्रिलियन रुपये के सहमति पत्र और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें से अब तक 35 हजार करोड़ रुपये से 40 हजारप करोड़ रुपये निवेश जमीन पर उतारा जा चुका है। निवेशकों की समस्याओं को दूर करने और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए 96 पैरामीटर्स पर काम किया जा रहा है, जिनमें से 65 से 68 पूरे हो चुके हैं।

सिंधिया ने कहा कि पूर्वोत्तर में 75 प्रतिशत आबादी 30 वर्ष से कम आयु की है और औसत साक्षरता दर 93 प्रतिशत है, जो देश में सबसे अधिक है। उन्होंने इसे क्षेत्र की बड़ी ताकत और जनसांख्यिकीय लाभ बताया।

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(Udaipur Kiran) / प्रशांत शेखर

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