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Thursday, 29 October 2026
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शांतिनिकेतन पौष मेला : कड़ी सुरक्षा के बीच 23 से 28 दिसंबर तक आयोजन

प्रतीकात्मक तस्वीर

बोलपुर, 22 दिसंबर (Udaipur Kiran) । बीरभूम जिले के शांतिनिकेतन में पारंपरिक पौष उत्सव तथा पौष मेले की शुरुआत होने जा रही है।

आगामी मंगलवार से शांतिनिकेतन के पूर्वपल्ली मैदान में ऐतिहासिक पौष मेला शुरू हो रहा है, जो 23 से 28 दिसंबर तक चलेगा। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जिला पुलिस प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है।

पौष मेले को लेकर पहले से ही बोलपुर–शांतिनिकेतन के होटल, लॉज, रिसॉर्ट और होमस्टे पर्यटकों से भर चुके हैं। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

विश्वभारती सूत्रों के अनुसार, अब तक लगभग 1300 स्टॉलों की बुकिंग हो चुकी है, जो बढ़कर 1500 से 1700 तक पहुंचने की संभावना है। अदालत के निर्देशों का पालन करते हुए प्रदूषण नियंत्रण और प्लास्टिक कचरे पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विश्वभारती के कुलपति अमित हाजरा ने बताया कि स्टॉल बुकिंग को अच्छा प्रतिसाद मिला है और अग्निशमन व्यवस्था के लिए मैदान में अतिरिक्त स्थान रखा गया है। दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।

छह दिनों तक मेले के मनोरंजन मंच पर पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी कई अहम फैसले लिए गए हैं। बोलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राणा मुखोपाध्याय ने बताया कि बोलपुर नगरपालिका, टोटो यूनियन और पुलिस प्रशासन की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि शहर के लगभग 10 प्रमुख स्थानों पर टोटो का रेट चार्ट लगाया जाएगा। पौष मेले के दौरान प्रति किलोमीटर प्रति यात्री 15 रुपये किराया तय किया गया है। मेला परिसर में किसी भी बाइक या कार को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। केवल पासधारी वाहनों को ही निर्धारित मार्गों पर चलने की इजाजत मिलेगी। शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस कंट्रोल रूम और कई ड्रॉप गेट भी बनाए गए हैं।

बोलपुर के एसडीपीओ रिकी अग्रवाल ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीपीओ और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में करीब 2500 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इनमें महिला पुलिस, रैफ, सादे कपड़ों में पुलिस, एंटी-क्राइम टीम और विशेष बचाव दल शामिल हैं। सुरक्षा निगरानी के लिए बोलपुर–शांतिनिकेतन क्षेत्र में पहले से लगे 200 स्थायी सीसीटीवी कैमरों के अलावा मेला परिसर और प्रवेश द्वारों पर 300 अस्थायी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही पांच हाईटेक ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी।

मेले में 36 पुलिस सहायता केंद्र, 10 वॉच टावर और 8 ड्रॉप गेट बनाए गए हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड फ्रेंडली कॉर्नर शुरू किया गया है। बच्चों के गुम होने की आशंका को देखते हुए उनके गले में अभिभावकों का फोन नंबर लिखे कार्ड टांगने की व्यवस्था की गई है। बुजुर्ग और दिव्यांग दर्शकों के लिए पुलिस की ओर से टोटो सेवा और आपातकालीन एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेगी।

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(Udaipur Kiran) / धनंजय पाण्डेय

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