
New Delhi, 15 दिसंबर (Udaipur Kiran) . उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु सरकार को निर्देश दिया है कि वो राज्य में नवोदय विद्यालयों की स्थापना के लिए केंद्र के साथ मिलकर भूमि की पहचान करे. जस्टिस बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने तमिलनाडु सरकार से कहा कि आप राज्य में नवोदय विद्यालयों की स्थापना के मुद्दे को भाषा विवाद में न बदलें.
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने कहा कि नवोदय विद्यालय तीन भाषा फार्मूला अपनाते हैं, जबकि तमिलनाडु में कानूनी रुप से दो भाषा नीति लागू है. इस पर कोर्ट ने कहा कि आप भाषा को मुद्दा मत बनाइए. हम एक संघीय व्यवस्था में हैं और आप गणराज्य का हिस्सा हैं. यह एक संघीय चर्चा का विषय है और राज्य पर कुछ भी थोपने की बात नहीं है. कोर्ट ने कहा कि उसका आदेश तमिलनाडु के ग्रामीण छात्रों के हित में है, जो इन विद्यालयों में दाखिले के हकदार हैं.
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार ने कहा कि केंद्र सरकार पर समग्र शिक्षा अभियान के तहत तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि बकाया है. कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार को सुझाव किया कि वो केंद्र से विचार-विमर्श के दौरान अपनी शर्तें रख सकती है जिनमें दो भाषा नीति का पालन और वित्तीय बकाया राशि का भुगतान शामिल हो सकता है.
(Udaipur Kiran) /संजय——————–
(Udaipur Kiran) / वीरेन्द्र सिंह
