Skip to content
Friday, 30 October 2026
BREAKING
HEADLINES

कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

supreme court

नई दिल्ली, 29 दिसंबर (Udaipur Kiran) । उच्चतम न्यायालय ने उन्नाव रेप मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को ट्रायल कोर्ट की ओर से मिली उम्रकैद की सजा निलंबित करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान उच्चतम न्यायालय ने इस बात का अंदेशा जताया कि उच्च न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट की धारा 5 के तहत लोकसेवक की जो व्याख्या की है, उससे लोकसेवक इससे बाहर हो जाएंगे। कोर्ट ने कहा कि इस कानून के तहत एक कांस्टेबल लोकसेवक हो सकता है, लेकिन विधायक इससे बाहर कैसे हो सकता है। सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि ये एक बच्ची के साथ रेप का डरावना मामला है। आरोपित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5 के तहत आरोप तय किए गए थे।

मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय ने इस आधार पर सजा को निलंबित किया कि उसने सात साल की अधितकम सजा पूरी कर ली है। मेहता ने कहा कि रेप के कानून में संशोधन के बाद न्यूनतम सजा 20 साल है। तब कोर्ट ने कहा कि संशोधन इस घटना के बाद लाया गया है। मेहता ने कहा कि लोकसेवक को लेकर उच्चतम न्यायालय की टिप्पणी का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि पीड़िता एक नाबालिग है।

सीबीआई ने उन्नाव रेप मामले में पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को ट्रायल कोर्ट की ओर से मिली उम्रकैद की सजा को निलंबित करने के दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 23 दिसंबर को सेंगर की सजा पर रोक लगाते हुए जमानत दी थी। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की अध्यक्षता वाली पीठ ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका के लंबित रहने के दौरान सजा को निलंबित रखने का आदेश दिया था। उच्च न्यायालय ने सेंगर को आदेश दिया था कि वो जमानत के दौरान दिल्ली में ही रहे और पीड़िता के निवास से पांच किलोमीटर दूर रहे।

तीस हजारी कोर्ट ने 16 दिसंबर, 2019 रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया था। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर समेत सभी सातों आरोपितों को भी 10-10 साल की कैद और 10-10 लाख के जुर्माने की सजा सुनाई थी।

रेप पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में 9 अप्रैल, 2018 को मौत हो गई थी। 4 जून, 2017 को रेप पीड़िता ने जब कुलदीप सेंगर पर रेप का आरोप लगाया था उसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और उसके साथियों ने पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया था। रेप पीड़िता के पिता को जेल में शिफ्ट करने के कुछ ही घंटों बाद जिला अस्पताल में लड़की के पिता की मौत हो गई थी।

पीड़िता से रेप के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने 20 दिसंबर, 2019 को पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उम्रकैद के अलावा 25 लाख का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की इस रकम में से 10 लाख पीड़िता को देने का आदेश दिया था। तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भी कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

(Udaipur Kiran) /संजय

—————

(Udaipur Kiran) / अमरेश द्विवेदी

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *