तेंदुए के आतंक से सहमे कोलाबाड़ी चाय बागान के श्रमिक इलाके का वन विभाग ने किया निरीक्षण

जलपाईगुड़ी, 21 दिसंबर (हि. स)। नागराकाटा के कोलाबाड़ी चाय बागान में तेंदुए की लगातार दहशत और बच्चों पर बार-बार हमलों की घटनाओं के बाद वन विभाग हरकत में आ गया है। रविवार दोपहर वन्यजीव शाखा के गोरुमारा और जलपाईगुड़ी डिवीजन के दो डीएफओ द्विजप्रतिम सेन और विकास वी ने इलाके का निरीक्षण किया। डरे हुए श्रमिक बस्तियों में सुरक्षा बहाल करने के लिए ड्रोन निगरानी के साथ-साथ अब आबादी के चारों ओर बांस की बाड़ लगाने की योजना बनाई गई है।
दरअसल, 17 दिसम्बर की शाम बागान की बांध लाइन इलाके में एक घर के आंगन से पांच वर्षीय बच्चे को तेंदुआ उठाकर ले जाने की कोशिश किया था। रविवार को दोनों डीएफओ ने घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवार व स्थानीय निवासियों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया।
तेंदुए के झाड़ियों से अचानक बस्तियों में घुसने से रोकने के लिए बागान प्रबंधन के सहयोग से श्रमिक बस्तियों के चारों ओर बांस की बाड़ लगाने का प्रस्ताव दिया गया है। बिन्नागुड़ी रेंज के रेंजर हिमाद्री देवनाथ ने बताया, इस बाड़ के निर्माण के लिए आवश्यक श्रमिकों की मजदूरी वन विभाग स्वयं वहन करेगा। इससे पहले हुलाश लाइन में 200 मीटर से अधिक नायलॉन फेंसिंग की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों में कोलाबाड़ी और आसपास के खुटाबाड़ी इलाके में तेंदुए के हमलों में दो बच्चों की मौत हो चुकी है। बार-बार पिंजरे लगाने के बावजूद सफलता नहीं मिलने पर फिलहाल बागान में पिंजरों की संख्या बढ़ाकर सात कर दी गई है। कई ट्रैप कैमरे भी लगाए गए हैं। तेंदुए की सटीक लोकेशन पता करने के लिए ड्रोन से तलाशी भी की गई।
निरीक्षण के दौरान वन अधिकारियों ने आम लोगों से शाम के बाद बच्चों को घर से बाहर न रखने और सतर्क रहने की अपील की। वन विभाग की इस पहल से स्थानीय लोगों में कुछ भरोसा जरूर लौटा है, लेकिन तेंदुआ पकड़े जाने तक डर का साया बना हुआ है।
(Udaipur Kiran) / सचिन कुमार



