ठेकेदारों के दबाव में चल रही सरकार, व्यवस्था परिवर्त’ नहीं व्यवस्था पतन हो रहा है: जयराम ठाकुर

शिमला, 19 दिसंबर (Udaipur Kiran) । पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हालात ऐसे बन गए हैं मानो “पेखुबेला पार्ट-2” की तैयारी चल रही हो। सरकार के फैसले और लोक सेवकों के स्थानांतरण जनहित को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि ठेकेदारों की सहूलियत के अनुसार किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में “ठेकेदार सपोर्ट ट्रांसफर पॉलिसी” चल रही है।
जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह सुखद है कि सरकार की मनमानी पर माननीय हाई कोर्ट ने रोक लगाकर तथाकथित व्यवस्था परिवर्तन को आईना दिखाया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर व्यवस्था पतन की कहानी सामने आ रही है। पेखुबेला सौर ऊर्जा परियोजना को उन्होंने सुक्खू सरकार के भ्रष्टाचार का प्रतीक बताया, जो एक चीफ इंजीनियर स्तर के अधिकारी की मौत से भी जुड़ी रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि धर्मशाला में एक सोलर प्रोजेक्ट के मामले में परियोजना अधिकारी द्वारा ठेकेदार से सख्ती बरतने और नोटिस जारी करने पर सरकार ने ठेकेदार पर कार्रवाई करने के बजाय अधिकारी का तबादला चंबा कर दिया। इससे स्पष्ट है कि सरकार ठेकेदारों को संरक्षण दे रही है और ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। हालांकि हाई कोर्ट ने इस तबादले को रद्द कर दिया, लेकिन मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को संदेश दे दिया कि ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करना कितना “महंगा” पड़ सकता है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इस सरकार में सुविधा शुल्क, सहूलियत के अधिकारी और मित्र मंडली के कारण ठेकेदार भी दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट भुगतान के लिए अधिकारियों और नेताओं के चक्कर काट रहा है, जबकि दूसरा गुट मनमाफिक सहयोग न मिलने पर अधिकारियों के तबादले करवा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसे ठेकेदारों को इतनी ताकत कहां से मिल रही है।
इस बीच केंद्रीय हाटी समिति गिरिपार के प्रतिनिधिमंडल ने अमीचंद कमल के नेतृत्व में जयराम ठाकुर से मुलाकात कर हाटी समुदाय को जनजातीय दर्जा दिए जाने के मामले में उच्च न्यायालय में हो रही देरी पर चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष उठाया जाए, ताकि लगभग दो लाख लोगों को उनके संवैधानिक अधिकार का लाभ मिल सके। जयराम ठाकुर ने उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
इसके अलावा जयराम ठाकुर ने लोकसभा और राज्यसभा से बीवी-जी राम जी विधेयक के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देशहित में ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह कानून सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों को मजबूत करेगा।
—————
(Udaipur Kiran) शुक्ला



