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Thursday, 29 October 2026
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भारत में अब चिकित्सा शिक्षा में सुविधाओं की कमी नहीं : जेपी नड्डा

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व केन्द्रीय मंत्री जेपी नड्डा
मेडिकल के छात्र

लखनऊ, 20 दिसम्बर (Udaipur Kiran) । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने शनिवार को कहा कि पहले मेडिकल के छात्र उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाते थे, लेकिन अब हमारा विद्यार्थी नहीं कह सकता कि भारत में सुविधा नहीं है। अब भारत में संस्थान, आधारभूत संरचना व सुविधाएं हैं। मेडिकल के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आ रहा है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा यहां किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के 21वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि​ केजीएमूय ने देश की ही नहीं दुनिया में मानवता की सेवा की है। यहां पर मेडिकल की पढ़ाई कर निकले छात्र दुनिया के अन्य देशों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजीएमयू का गौरवमय इतिहास रहा है। यहां काम करना सौभाग्य की बात है। लीवर व किडनी ट्रान्सप्लान्ट में केजीएमयू ने स्थान बनाया है। नड्डा ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के लिएि स्वर्णिम अवसर होता है। आपके कंधों पर अब बड़ी जिम्मेदारी है। आपको सामाजिक जिम्मेदारी निभानी पड़ेगी। मरीज को स्वस्थ करना आसान काम नहीं होता है। मरीज आपके पास जीवन की रक्षा व सुरक्षा की आस से आता है।

जेपी नड्डा ने कहा कि 20वीं शताब्दी तक देश में एक ही एम्स था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज देश में 23 एम्स हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना को लागू किया गया। ये योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा कवरेज योजना है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से 62 करोड़ परिवारों को लाभान्वित किया गया है। इसमें 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क बीमा कवरेज गरीबों और विशेषकर 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को दिया जा रहा है।

दीक्षांत समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि केजीएमयू दुनिया के सर्वश्रेष्ठ चिकित्सा के केन्द्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां पर प्रतिदिन 10 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। केजीएमयू में पढ़ना और यहां से डिग्री प्राप्त करना आसान नहीं है। चि​कित्सा शिक्षा के साथ-साथ मरीजों को स्वस्थ करने में केजीएमयू ने नया आयाम गढ़ा है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उप्र में 17 मेडिकल कॉलेज सरकारी और 23 निजी क्षेत्र के थे। आज 81 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं व संसाधन उपलब्ध हैं।

राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने ​चिकित्सकों से कहा कि मरीजों की सेवा करें व देश व प्रदेश का नाम रोशन करें।

समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केन्द्रीय राज्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रो.के.के. सिंह, महासचिव डॉ. संतोष कुमार, सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो.अभिनव अरूण सोनकर और पल्मोनरी क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. वेद प्रकाश उपस्थित रहे। केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने जेपी नड्डा का स्वागत किया।

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(Udaipur Kiran) / बृजनंदन

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