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Friday, 30 October 2026
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प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में छलकीं खुशियां, चहुंओर दीपोत्सव, आतिशबाजी से बिखरी सतरंगी छटा

गंगाघाट पर
दुल्हन की तरह सजा काशी विश्वनाथ धाम

—विधि विधान से पूजे गए भगवान गणेश और मां लक्ष्मी

वाराणसी, 20 अक्टूबर (Udaipur Kiran News) । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र और उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में ज्योति पर्व दीपावली पर सोमवार की शाम वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच विधि विधान से भगवान गणेश और महालक्ष्मी की आराधना की गईं। पर्व पर उल्लास और धूमधड़ाके से युवाओं ने शाम से ही आतिशबाजी शुरू कर दी। बच्चों औेर युवाओं की खुशियां देखते ही बन रही थी। तिमिर पर चहुओर रोशनी की बरसात,दीयो की लौ, झिलमिलाती लड़िया इस कदर हावी थी कि लगता था कि धरा पर कहीं अन्धकार को रहने नही देगी।

दिन के तीसरे पहर से देर शाम तक बच्चे, युवा अपने परिवार के साथ खुशियां साझा कर त्यौेहार की बधाई और शुभकामना देते रहे। इसके पूर्व महापर्व पर सुबह से ही पूरे जनपद में उत्साह का माहौल था। लोग पूर्वांह से ही लक्ष्मी गणेश पूजन के लिए अपनी दुकानों, मकानों की सफाई करते देखे गए। सुबह से ही शहर में ठेले वालों ने अशोक की पत्तियां, माला फूल की अस्थायी दुकानें सजा ली थी। लोगों ने अशोक के पत्ते, फूल आदि खरीदकर दुकानों, मकानों पर सजाए। शाम ढ़लते ही घर की महिलाओं और बच्चों ने दीयो को सजाने के साथ रंगोली और अल्पना बनायी । छत,मुंडेर और बारजा सहित घर के आसपास बिजली के झालरों के साथ दिये भी जलाये। शाम को शुभ अभिजीत मुहुर्त में विधि विधान से लक्ष्मी गणेश का पूजन किया।

उधर, दुकानों और प्रतिष्ठानों में सुबह साफ सफाई, फूलों से सजावट के बाद लोगों ने शाम को खास स्थिर लग्न चौघड़िया मुर्हुत में कर्मकांडी बाम्हणों से लक्ष्मी गणेश का विधि विधान से पूजन अर्चन कराया। फिर नये बहिखाता तिजोरी का पूजन किया। पूजन अर्चन के बाद प्रतिष्ठान संचालकों ने ग्राहकों और परिचितों के बीच मिठाइयां उपहार के रूप में बांटी । पर्व पर, महामना की बगिया काशी हिन्दू विश्वविद्यालय,सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय,महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में भी वरिष्ठ प्रोफेसरों, आचार्यो, कर्मचारियों ने विधि विधान और उमंग के बीच लक्ष्मी गणेश का पूजन किया। पर्व पर रोशनी से सराबोर शहर और अपने घर, मकान, दुकान की सुन्दरता देख लोग परिजनों और मित्रों के साथ सेल्फी भी लेते रहे।

महापर्व पर विद्युत झालरों से बीएचयू के सिंह द्वार,महामना मदन मोहन मालवीय की आदमकद प्रतिमा को सजाया गया। इसी तरह गंगा घाट और घाट किनारे स्थित मकान, मंदिर रोशनी की आभा बिखेर रहे थे। रामनगर सामनेघाट स्थित रामनगर का ऐतिहासिक दुर्ग आकर्षक तरीके से सजाये गये विद्युत झालर सतरंगी छटा बिखेर रहे थे।

दीपावली की बधाई का दौर

ज्योति पर्व पर लोग एक-दूसरे को बधाई देते हुए भी देखे गए। लोगों ने एसएमएस, मोबाइल, फेसबुक, एक्स, इन्स्टाग्राम से भी एक-दूसरे को बधाई दी। पर्व पर शहर में सुरक्षा का पुख्ता बंदोबस्त किया गया । जिला और पुलिस प्रशासन के अफसर बाजारों में खरीददारों की भारी भीड़ को देख सुरक्षा व्यवस्था पर खासा ध्यान देते रहे। अफसरों के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ अर्धसैनिक बल के जवान भी लगातार गश्त करते रहे ।

सैकड़ों कुन्तल फूलों की खपत

दीपावली पर्व पर कई कुन्तल फूलों की खपत हुयी। सबसे ज्यादा गेंदा, गुलाब, चम्पा, कमल, रातरानी सहित विदेशी फूलों की ब्रिकी हुई। इसके अलावा केले व आम के पत्तों से वंदनवार सजाया गया। घर के दरवाजों एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लोगों ने गेंदा के फूलों से सजावट किया था। गेंदा की छोटी माला भी 30 रूपये प्रति दर से बिक गईं।

फड़ पर लाखों का वारा न्यारा

दीप पर्व पर परम्परानुसार कई जगहों पर जुआ भी खेला गया। कई जगहों पर लोग फड़ पर देर रात तक दाव लगा किस्मत आजमाते रहे। पाश कालोनियों के साथ होटलों में ताश के पत्तों पर दांव लगता रहा। घरों में भी कौड़िया खेली गयी। कई जगह लोग परिवार के साथ बैठ कर रम्मी खेलते रहे।

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(Udaipur Kiran) / श्रीधर त्रिपाठी

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