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Sunday, 1 November 2026
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एचआरटीसी में होंगी 171 नई भर्तियां, 350 नई बसें, 31 जनवरी तक बनेंगे हिमबस कार्ड

मुकेश अग्निहोत्री प्रेस वार्ता करते हुए

शिमला, 19 दिसंबर (Udaipur Kiran) । हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के निदेशक मंडल की 162वीं बैठक में कर्मचारियों और यात्रियों से जुड़े कई बड़े और अहम फैसले लिए गए हैं। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में दो दिन तक चली इस बैठक में नई भर्तियों, वेतन और भत्तों में बढ़ोतरी, पेंशन भुगतान, बसों की खरीद और निगरानी व्यवस्था को लेकर मंजूरी दी गई। बैठक के बाद शिमला में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम ने इन निर्णयों की जानकारी दी।

मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि एचआरटीसी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट यानी जेओआईटी के 171 पदों को भरने का फैसला लिया गया है। ये भर्तियां लंबे समय से अटकी हुई थीं। इसके साथ ही निगम में काम कर रहे 78 पीसमील वर्करों को कॉन्ट्रैक्ट पर लाने की भी मंजूरी दी गई है।

यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए एचआरटीसी 250 नई डीजल बसें और 24 सीटर की 100 मिनी बसें खरीदेगा। इसके अलावा 100 टैम्पो ट्रैवलर भी निगम के बेड़े में शामिल किए जाएंगे, जिन्हें जरूरत के अनुसार अलग-अलग रूटों पर चलाया जाएगा। निदेशक मंडल ने बसों की खरीद से जुड़ी री-टेंडर प्रक्रिया 15 दिनों के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

डिप्टी सीएम ने बताया कि वाहनों की तकनीकी जांच को पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए हरोली और नादौन में पीपीपी मोड पर ऑटोमैटिक व्हीकल टेस्टिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर 15 साल पुराने वाहनों की जांच की जाएगी, जिन्हें नियमों के अनुसार सड़कों से हटाया जाना है।

यात्रियों की सुरक्षा और बसों के संचालन पर नजर रखने के लिए सभी एचआरटीसी बसों में रियल-टाइम लोकेशन आधारित व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों के बेहतर काम को प्रोत्साहित करने के लिए रिवार्ड पॉलिसी लागू करने का भी निर्णय लिया गया है।

मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एक समिति की सिफारिश पर फैसला लिया गया है कि जो बसें ढाई किलोमीटर से कम एवरेज दे रही हैं, उन्हें निगम के बेड़े से हटाया जाएगा। इसके तहत करीब 500 पुरानी और खराब हो चुकी बसों को हटाने का निर्णय लिया गया है। इनकी जगह नई बसें लाने के लिए पहले ही 297 बसों की खरीद का ऑर्डर दिया जा चुका है।

कर्मचारियों को राहत देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि एचआरटीसी के ड्राइवर और कंडक्टर रात में बसें लेकर जाते हैं और घर से दूर रहते हैं, लेकिन अब तक 30 किलोमीटर से अधिक दूरी वालों को ही नाइट अलाउंस मिलता था। अब यह सीमा खत्म कर दी गई है और 30 किलोमीटर से कम दूरी पर रात में ड्यूटी करने वाले ड्राइवरों और कंडक्टरों को भी नाइट अलाउंस मिलेगा।

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार एचआरटीसी के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के मानदेय में 25 रुपये की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। इसके बाद दिहाड़ी 400 रुपये से बढ़कर 425 रुपये हो गई है। वर्तमान में निगम में करीब 10 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 9099 कर्मचारियों को ओल्ड पेंशन स्कीम में शामिल किया गया है। ये कर्मचारी पहले एनपीएस के दायरे में थे। इसके अलावा 170 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी एनपीएस से ओपीएस में आने का मौका दिया गया है।

डिप्टी सीएम ने बताया कि 75 वर्ष से अधिक उम्र के 696 पेंशनरों को पेंशन संशोधन के तहत 23 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वहीं 65 से 75 वर्ष आयु वर्ग के करीब 3500 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 5, 10 और 15 प्रतिशत पेंशन बढ़ोतरी का लाभ भी दिया गया है।

उन्होंने कहा कि निगम के 222 सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन अब शुरू कर दी गई है, जो लंबे समय से लंबित थी। इसमें कम्यूटेशन राशि भी शामिल है और इसके लिए 29 करोड़ रुपये उनके खातों में डाले गए हैं। इसके अलावा वर्ष 2024 तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को डीसीआरजी यानी डेथ कम ग्रेच्युटी के रूप में 34 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। वर्ष 2023 से लंबित लीव इनकैशमेंट के 23 करोड़ रुपये भी कर्मचारियों के खातों में जमा कर दिए गए हैं।

मुकेश अग्निहोत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि एचआरटीसी की रियायती सेवाओं का लाभ लेने वाले यात्रियों के लिए हिम बस कार्ड बनाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए 31 जनवरी अंतिम तिथि तय की गई है। इसके बाद बिना हिम बस कार्ड के किसी भी यात्री को रियायती दरों पर सफर की सुविधा नहीं मिलेगी। इसमें 50 प्रतिशत छूट पर यात्रा करने वाली प्रदेश की सभी महिलाएं भी शामिल हैं।

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(Udaipur Kiran) / उज्जवल शर्मा

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