Skip to content
Thursday, 29 October 2026
BREAKING
HEADLINES

प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को जेल में बंद होने पर हटाने संबंधी तीन विधेयक जेपीसी को भेजे गए

नई दिल्ली, 20 अगस्त (Kiran News)। गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार होने पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद से हटाने के लिए केंद्र सरकार कानून बनाने जा रही है। गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में इस संबंध में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए। इन विधेयकों के मुताबिक, यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री 30 दिन तक हिरासत में रहते हैं, तो उन्हें पद से बर्खास्त किया जा सकेगा। रिहा होने पर वे दोबारा पदभार ग्रहण कर सकते हैं। इस कदम का उद्देश्य शासन व्यवस्था में नैतिकता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

Ministers in jail law

गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025; केंद्रशासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 और जम्मू एवं कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 विचार के लिए पेश किए। इन विधेयकों के प्रावधानों के अनुसार भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर अपराधों में जेल में बंद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को 30 दिन के बाद पद से हटाया जा सकेगा।

विपक्ष ने विधेयकों का विरोध करते हुए संसद में जोरदार हंगामा किया। एआईएमआईएम के असद्दुदीन औवेसी, कांग्रेस के मनीष तिवारी, आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन, सपा के धर्मेन्द्र यादव और कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल सहित कई सदस्यों ने इन विधेयकों को संविधान के मूलभूत सिद्धांतों और संसदीय लोकतंत्र के विरुद्ध बताया। विरोध के चलते सदन की कार्यवाही भी एक घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी।

बाद में गृहमंत्री ने तीनों विधेयकों को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजने का प्रस्ताव किया, जिसे मंजूरी दे दी गई। इस समिति में लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सदस्य शामिल होंगे।

अमित शाह ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विधेयक का उद्देश्य शासन में नैतिकता के उच्च मानदंड बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि गुजरात में मंत्री रहते हुए जेल जाने पर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और आरोपमुक्त होने तक कोई संवैधानिक पद नहीं संभाला।

Share

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *