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Thursday, 29 October 2026
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विकसित भारत रोजगार योजना से बदलेगा देश का भविष्य· राजीव रंजन

पानीपत में अधिकारियों की बैठक लेते हरियाणा के प्रधान सचिव राजीव रंजन

पानीपत, 20 दिसंबर (Udaipur Kiran) । विकसित भारत रोजगार योजना देश के युवाओं को रोजगार और उद्योगों को मजबूती देने की दिशा में केंद्र सरकार की सबसे बड़ी पहल है। यह बात युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग, हरियाणा के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने शनिवार को पानीपत सचिवालय सभागार में आयोजित सेमिनार के दौरान कही। इस दौरान उन्होंने नियोक्ताओं के सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने अन्य योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। राजीव रंजन ने नियोक्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केवल एक स्कीम नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 की आधारशिला है।

इस योजना के माध्यम से सरकार सीधे रोजगार सृजन को प्रोत्साहित कर रही है और यह सुनिश्चित कर रही है कि युवा औपचारिक कार्यबल से जुड़ें। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने बजट 2024-25 में ‘एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव्स’ के रूप में इस योजना की घोषणा की है, जिसके तहत 99,446 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित करना है, जिनमें से 1.92 करोड़ युवा पहली बार नौकरी के क्षेत्र में प्रवेश करेंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित रोजगारों पर लागू होगी। योजना का सबसे बड़ा लाभ पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को मिलेगा। ईपीएफओ से आच्छादित संस्थानों में पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को एक महीने के वेतन के बराबर प्रोत्साहन दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम राशि 15 हजार होगी। यह राशि दो किस्तों में सीधे कर्मचारी के आधार सीडेड बैंक खाते में भेजी जाएगी।

उन्होंने बताया कि छह महीने की सेवा पूरी होने पर पहली किस्त और 12 महीने पूरे होने पर दूसरी किस्त बचत योजना के रूप में दी जाएगी। प्रधान सचिव ने योजना को नियोक्ताओं के लिए बेहद लाभकारी बताते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे सस्ती रोजगार प्रोत्साहन योजना है। इसमें नियोक्ता को अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति पर सरकार की ओर से सीधा आर्थिक सहयोग मिलेगा।

उन्होंने जानकारी दी कि ईपीएफओ से पंजीकृत संस्थानों को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी 1,000 से 3,000 रुपए प्रति माह तक का इंसेंटिव मिलेगा, जो दो वर्षों तक दिया जाएगा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए यह प्रोत्साहन तीसरे और चौथे वर्ष तक भी जारी रहेगा। रंजन ने कहा कि योजना के तहत सभी भुगतान डीबीटी के माध्यम से किए जाएंगे। अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार, ईपीएफओ रामकेश, ईएसआईसी हरि ओम प्रकाश, डिविजनल एम्प्लॉयमेंट ऑफिसर कुसुम भारद्वाज, डिप्टी डायरेक्टर सतीश, जिला रोजगार अधिकारी डॉ. रितु चहल समेत कई गणमान्य मौजूद थे।

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(Udaipur Kiran) / अनिल वर्मा

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