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Friday, 30 October 2026
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छत्तीसगढ़ के कांकेर में धर्मांतरित व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर हिंसक झड़प

धर्मांतरित व्यक्ति के अंतिम संस्कार को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़

– कई पुलिसकर्मी एवं ग्रामीण गंभीर रूप से घायल

कांकेर/रायपुर, 17 दिसंबर (Udaipur Kiran) ।छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ तहसील के ग्राम पंचायत बड़े तेवड़ा में बुधवार को सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरु राम (65 वर्ष) के अंतिम संस्कार को लेकर सर्व आदिवासी समाज, ईसाई समुदाय और भीम आर्मी से जुड़े लोगों के बीच जमकर झड़प हुई।अधिकारियों ने बताया है कि धर्मांतरण और परंपरा को लेकर हुई इस हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी एवं ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल आमाबेड़ा में भर्ती कराया गया है।

ग्रामीणों ने बताया है कि ग्राम पंचायत बड़े तेवड़ा में सरपंच रजमन सलाम के पिता चमरु राम की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई। मौत के बाद जब शव को गांव लाया गया, तभी से गांव में तनाव का माहौल बन गया। परिजनों ने बताया कि मृतक आदिवासी समाज से थे, किंतु उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था।

मंगलवार सुबह करीब 8 बजे समाज की परंपरा के अनुसार कफन-दफन एवं काठी-माठी की अनुमति के लिए ग्राम पटेल और माझी मुखिया से आग्रह किया गया, लेकिन धर्म परिवर्तन का हवाला देते हुए ग्राम प्रमुखों ने सहयोग से इनकार कर दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति का अंतिम संस्कार गांव के पारंपरिक स्थल पर न किया जाए और शव को किसी अन्य स्थान पर ले जाकर दफनाया जाए। इस फैसले के बाद विवाद और गहराता चला गया। आक्रोशित ग्रामीण गांव में धरने पर बैठ गए और मौके पर पहुंचे तहसीलदार से शव बाहर निकलवाने की मांग की, हालांकि देर रात तक इस मामले में कोई फैसला नहीं हो सका।

बुधवार को धर्मांतरण कर चुके सरपंच द्वारा अपने पिता का शव गांव में दफनाए जाने के विरोध में ग्रामीण एकजुट हो गए। आरोप है कि सरपंच ने ग्रामीणों की आपत्ति के बावजूद दबंगई दिखाते हुए शव दफन कर दिया। ग्रामीण धर्मांतरित व्यक्ति का शव कब्र से बाहर निकालने की बात पर अड़े रहे। इस दौरान शव को निकालने की कोशिश भी की गई, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण यह संभव नहीं हो पाया। इस मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज, ईसाई समुदाय और भीम आर्मी से जुड़े लोग आमने-सामने आ गए। बताया जा रहा है कि आदिवासी समाज के कुछ लोगों द्वारा पक्के कब्र को तोड़े जाने की मांग शासन-प्रशासन से की जा रही थी, जिससे दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हो गई। इस दौरान हुए हिंसक झड़प में कई पुलिसकर्मी एवं ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल आमाबेड़ा में भर्ती कराया गया है।

जिला प्रशासन के अधिकारियों ने बताया कि बड़ेतेवड़ा में तनाव देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

(Udaipur Kiran) / केशव केदारनाथ शर्मा

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