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Friday, 30 October 2026
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दुनिया का सबसे बड़ा 210 टन वजनी शिवलिंग सागर पहुंचा, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

दुनिया का सबसे बड़ा 210 टन वजनी शिवलिंग
दुनिया का सबसे बड़ा 210 टन वजनी शिवलिंग

सागर, 23 दिसंबर (Udaipur Kiran) । दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के रास्ते मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से होते हुए सोमवार रात सागर जिले की सीमा में पहुंचा। देर रात यह काफिला कंटनी मंदिर के पास रुका। यहां दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके बाद यह 210 टन वजनी शिवलिंग मंगलवार सुबह महाराजपुर और देवरी पहुंचा। यहां भी लोगों की भीड़ जुट गई। इस विशालकाय शिवलिंग को देखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

इस शिवलिंग को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड अंतर्गत कैथवलिया गांव (जानकीनगर) में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाएगा। विगत 21 नवंबर को 33 फुट ऊंचे एवं 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से रवाना किया गया। इसे 110 पहियों वाले विशेष वाहन से लाया जा रहा है। इस शिवलिंग के निर्माण में करीब 10 वर्षों का समय लगा है। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से एक ही ग्रेनाइट पत्थर को तराश कर शिल्पकार लोकनाथ की टीम ने शिवलिंग को तैयार किया है। शिवलिंग का वजन इतना ज्यादा है कि ट्रक महज 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा है। एक महीने में महाबलीपुरम से 1593 किमी की दूरी तय कर काफिला सागर पहुंचा है। बिहार पहुंचने में अभी करीब 20 दिन और लगेंगे।

इस शिवलिंग को लेकर जा रहे ट्रक चालक आलोक सिंह ने बताया कि शिवलिंग की ऊंचाई और गोलाई दोनों 33-33 फुट है। इसे ले जाना सौभाग्य की बात है, लेकिन यह चुनौती भरा काम है। करीब दो लाख 10 हजार किलो वजन होने के कारण रास्ते में पड़ने वाले पुल-पुलिया पर डर बना रहता है। तमिलनाडु से सुरक्षित सागर आ गए हैं, आगे भी भोलेनाथ ही मंदिर तक पहुंचाएंगे।

यह विश्व का सबसे ऊंचा सहस्त्र शिवलिंग है, जिसके निचले हिस्से में 1008 शिवलिंग की आकृति उकेरी गई है। फरवरी में इस शिवलिंग को मंदिर में विधिवत स्थापित करने की योजना है। मंदिर प्रबंधन द्वारा यात्रा को लगातार ट्रैक किया जा रहा है। यह यात्रा सकुशल अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही है। यात्रा के क्रम में श्रद्धालु जगह-जगह शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। इसके कारण भी यात्रा की गति धीमी है।———–

(Udaipur Kiran) तोमर

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